देशभर में डेंगू से बचाव का टीका लाने के लिए हो रहा शोध


डेंगू के मामलों से बचाव के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च डेंगू का टीका लाने के लिए देशभर में शोध कर रहा है।

नई दिल्ली। डेंगू के मामलों से बचाव के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च डेंगू का टीका लाने के लिए देशभर में शोध कर रहा है। संक्रामक रोगों पर काम करने वाले एम्स के प्रोफेसर आशुतोष बिश्वास ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए वैक्सीन (टीका) किसी देश में तभी लोगों के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है, जब उस देश की लगभग ७० फीसदी आबादी कभी न कभी डेंगू से पीड़ित रही हो। यह वैक्सीन उन्हीं लोगों के शरीर में एंटीबॉडी तैयार कर डेंगू से बचाव करती है जो पहले डेंगू से पीड़ित रहे हैं। आईसीएमआर के डीजी प्रोफेसर बलराम भार्गव का कहना है कि १५ राज्यों में १२ हजार लोगों पर शोध किया जा रहा है। बिश्वास ने कहा कि वैक्सीन उन लोगों को फायदे की बजाय नुकसान पहुंचा सकती है जो कभी डेंगू के शिकार नहीं हुए। यह पहले डेंगू से पीड़ित रहे लोगों के ही भविष्य में डेंगू से बचाव में सहायक है। देशभर में डाटा एकत्र किया जा रहा है कि कितनी फीसदी आबादी को डेंगू हुआ था और उन्हें वैक्सीन लगाई जा सकती है। अगर ७० फीसदी आबादी ऐसी हुई जो डेंगू से पीड़ित रहे हों तो वैक्सीन देश में इस्तेमाल की जा सकती है। आईसीएमआर के वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उपलब्ध वैक्सीन टाइप ४ मामले में ही असरकारक है।

एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया का कहना है कि दुनिया के २० देशों में डेंगू की वैक्सीन इस्तेमाल की जाती है। हालांकि कुछ देशों ने वैक्सीन कार्यक्रम शुरू करने के बाद इसे वापस ले लिया क्योंकि वहां ऐसी आबादी कम थी जो कभी डेंगू से पीड़ित रही हो। ऐसे लोगों पर ही यह वैक्सीन भविष्य में डेंगू से बचाने के लिए असर करती है। भारत में डेंगू की वजह से २०१७ में २२६ लोगों की मौत हुई थी और एक लाख से अधिक लोग इससे पीड़ित थे।

– ईएमएस