मोदी सरकार के अंतदर्गत सैना को मिला एक और घातक शस्त्र


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देश में निर्मित ‘धनुष तोप’ को सोमवार को सेना में शामिल किया गया है। भारतीय सेना को इ‌‌स‌ि के साथ ‘देसी’ बोफोर्स मिल गया है। धनुष देसी बोफोर्स के रूप में प्रसिद्ध है और अच्छी तरह संशोधन किया गया है। 1980 के दशक में प्राप्त बोफोर्स पर आधारित 155/45 कैलिबर गन प्रणाली ‘धनुष’ निश्चित रूप से सेना की क्षमता में वृद्धि करेगा। कथित भ्रष्टाचार के कारण इसकी खरीद पर विवाद भी खड़ा हुआ था।

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धनुष तोप लंबी दूरी की पहली तोप है। इसका वजन 2692 किग्रा है, तोप की लंबाई आठ मीटर है। धनुष की मार्क क्षमता 42-45 किलोमीटर के बीच है। जिससे भारतीय सेना को सीमा पर दुश्मनों को ताबड़तोड़ जवाब देने में मदद मिलेगी। धनुष तोप दो घंटे लगातार फायर करने में सक्षम है। और हर दो मिनट में 2 फायर करती है। इसमें 46.5 किलोग्राम स्फेराइड का उपयोग किया जाता है। देखें हैंडिंग ओवर की वीडियो

मोदी सरकार द्वारा सेन्य बल के लिए कई प्रावधान बदले गए हैं। भारतीय सेना के हित के लिए कई जबरदस्त कदम उठाए गए हैं। भारतीय सुरक्षा बलों को बेहतर से बेहतर उपकरण के लिए अनुमति प्रदान करना एक बहुत ही बेहतरीन फैसला था। लोगों ने इस फैसले के प्रति काफी खुशी भी ज़ाहिर की। इसके अलावा 2019 के बजट में भी मोदी सरकार ने सैना के लिए किये जानें वाले खर्च की मात्रा बढ़ा दी है तथा जरूरत पड़ने पर और बढ़ा देने का वादा भी किया है। मोदी सरकार निश्चित रूप से सेना के लिए खुले दिल से खर्च कर रही है तोकी सेना और देश संकट में ना आए।

मोदी सरकार के अंतर्गत K-9 वज्र और M-777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर तोप के प्रवेश के बाद, धनुष के प्रवेश से लंबे समय बाद तोपखानों में हथियारों को शामिल करने के लिए प्रोत्साहन मिला है। K-9 वज्र एक स्वचालित दक्षिण कोरियाई हॉवित्जर और M-777 अमेरिका से प्राप्त की गई अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोप है। रिपोर्ट के अनुसार, धनुष को बोफोर्स की दिशा में जबलपुर के गन कैरिज फैक्ट्री में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। सेना ने बंदूक उत्पादन परियोजना का सक्रिय रूप से समर्थन किया और 110 से अधिक धनुष तोपों का ऑर्डर दिया है।