पूरे भारत में आज मनाया जाएगा ‘जनऔषधि दिवस’


जेनेरिक दवाओं के उपयोग के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए ७ मार्च, २०१९ को पूरे भारत में जनऔषधि दिवस मनाने का निर्णय लिया है।
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देश के 652 जिलों में 5050 से अधिक जनऔषधि स्‍टोर सक्रिय

नई दिल्ली। केंद्रीय रसायन और उर्वरक, सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाजरानी राज्यमंत्री मनसुख मंडाविया ने आज नई दिल्‍ली में पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि देश प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की पहल के साथ, सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा को सस्ता बनाने की दिशा में, सरकार ने सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयों को प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के माध्यम से लोगों के बीच पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

मंत्री मंडाविया ने बताया कि जेनेरिक दवाओं के उपयोग के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए ७ मार्च, २०१९ को पूरे भारत में जनऔषधि दिवस मनाने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री ७ मार्च, को दोपहर १:०० बजे वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देशभर में जनऔषधि केंद्रों के मालिकों और योजना के लाभार्थियों के साथ बातचीत करेंगे। विकास के अगले चरण के बारे में बात करते हुए मंडाविया ने कहा कि प्रगति की इस रफ्तार के साथ देश के सभी ब्लॉकों में २०२० तक कम से कम एक पीएमबीजेपी केंद्र होगा।

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प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के बारे में चर्चा करते हुए, जिसमें उनका कहना कि देश में अच्छी गुणवत्ता वाली सस्ती दवाओं की अनुपलब्धता के कारण किसी गरीब व्यक्ति की मृत्यु ना हो, मंडाविया ने कहा कि अधिक से अधिक डॉक्टरों द्वारा जेनेरिक दवाएं लिखे जाने और ६५२ जिलों में ५०५० से भी अधिक जनऔषधि स्‍टोर खोले जाने से देश में उच्च गुणवत्ता वाली सस्ती जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता बढ़ने के साथ-साथ उसके बारे में जागरूकता भी बढ़ी है। उन्‍होंने कहा कि जनऔषधि दवाओं से प्रतिदिन लगभग १०-१५ लाख लोग लाभान्वित होते हैं और जेनेरिक दवाओं की बाजार हिस्सेदारी पिछले ३ वर्षों में तीन गुना बढ़कर २ प्रतिशत से ७ प्रतिशत हो गई है। मंडाविया ने कहा कि स्वास्थ्य विकास का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस सरकार ने लगातार आयुष्मान भारत, पीएमबीजेपी जैसी योजनाओं के माध्यम से सभी के लिए किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया है। भारत में जानलेवा बीमारियों से पीड़ित रोगियों के इलाज पर आने वाले खर्च में कमी लाने में जनऔषधि दवाओं की बड़ी भूमिका है। पीएमबीजेपी योजना ने आम नागरिकों के लिए लगभग १००० करोड़ रुपये की कुल बचत की है, क्योंकि ये दवाएं औसत बाजार मूल्य की तुलना में ५० प्रतिशत से ९० प्रतिशत तक सस्ती हैं।

– ईएमएस