सिर्फ 7 लोगों को पता था कि बालाकोट पर किस वक्त होगा हमला!


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नई दिल्ली (ईएमएस)। जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों द्वारा पुलवामा पर हमले के 12 दिनों बाद मंगलवार सुबह 3.40 बजे और 3.53 बजे के बीच टाइगर स्क्वाड्रन के 4 मिराज 2000 लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान के बालाकोट में मरकज सैयद अहमद शहीद प्रशिक्षण शिविर पर हमला किया। मिराज लड़ाकू विमान ने या तो क्रिस्टल मेज मिसाइलें या स्पाइस 2000 स्मार्ट बम गिराईं क्योंकि विमान दोनों से लैस थे।

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जैश के नष्ट ठिकाने के साक्ष्य मीडिया से साझा नहीं किये गये

खुफिया सूत्रों के अनुसार इस हमले में 325 आतंकवादी और आतंकियों के ट्रेनर मारे गए हैं। अधिकारियों ने तस्वीरों के साक्ष्य का हवाला देते हुए यह जानकारी दी जिसे मीडिया के साथ साझा नहीं किया गया, इन तस्वीरों में जैश के प्रशिक्षण शिविरों को ढक दिया गया था। क्रिस्टल मेज मिसाइलों का 100 किमी का दायरा होता है। स्पाइस 2000 स्मार्ट बम पारंपरिक बमों को स्मार्ट बम में बदलने के लिए मिसाइलों की तरह ही तकनीक का इस्तेमाल कर सकती है।

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पुलवामा पर हमले के तुरंत बाद खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान में लक्ष्य तलाशने शुरू किये

रिपोर्ट के मुताबिक नाम नहीं बताने की शर्त पर कई एजेंसियों और विभागों में कई वरिष्ठ खुफिया अधिकारियों को यह स्पष्ट था कि भारत पुलवामा हमले का जवाब देगा। उन्होंने कहा कि 14 फरवरी को हुए हमले के तुरंत बाद भारत की बाहरी खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) को पाकिस्तान में लक्ष्य तलाशने के लिए कहा गया था। रॉ ने छह लक्ष्य बताए जिसमें बालाकोट सूची में सबसे ऊपर था। यह जैश का सबसे पुराना प्रशिक्षण शिविर था और इसे संगठन के मुखिया मसूद अजहर का साले यूसुफ अजहर चलाता था।

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मोदी ने १८ फरवरी को ही हमले को मंजूरी दे दी थी

पीएम मोदी ने 18 फरवरी को हमले को मंजूरी दी। खुफिया अधिकारियों के अनुसार इस फैसले के बारे में केवल 7 लोगों को पता था – मोदी, डोभाल, तीनों सैन्य प्रमुख और रॉ और इंटेलिजेंस ब्यूरो के प्रमुख। वायुसेना ने 22 फरवरी से पाकिस्तानियों को भ्रमित करने के लिए विभिन्न सीमावर्ती ठिकानों से रात को उड़ाने भरनी शुरू कर दी। 25 फरवरी को खुफिया जानकारी मिली की बालाकोट कैंप में बड़ी संख्या में जैश-ए-मोहम्मद के 300-350 के बीच आतंकवादी मौजूद हैं। उसी शाम को तुरंत हमले का निर्णय लिया गया है।

रात भर जागते रहे वो सात लोग

मोदी को देर शाम तक पता था कि अगले कुछ घंटों में हमला हो सकता है। पीएम मोदी रात भर जागते रहे। डोभाल, वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ और रॉ और आईबी के प्रमुख भी इस कार्रवाई के दौरान जगे रहे। सेना प्रमुख बिपिन रावत और नौसेना प्रमुख सुनील लांबा भी रात भर जगे हुए थे और स्थिति की निगाह बनाए हुए थे अगर ऐसी स्थिति बन जाए कि पाकिस्तान भूमि या समुद्र पर तत्काल जवाबी कार्रवाई शुरू करने का फैसला कर ले। वायुसेना के इस अभियान में 12 विमानों का इस्तेमाल किया गया, जो विमानों के उड़ना भरे से लेकर वापस हवाई अड्डे में लौटने तक ढाई घंटे तक चला।