प्रदूषण कम नहीं हुआ तो दुकानों पर बिकेगी आक्सीजन, लोग होंगे काला दमा से पीड़ित


यदि प्रदूषण को रोकने का प्रभावी प्रबंध नहीं किया गया तो जल्दी ही यह नौबत आ जाएगी कि ऑक्सीजन दुकानों पर बिकने लगेगा।
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नई दिल्ली । भारत में अगले दिनों में पानी की तरह ही ऑक्सीजन की भी कमी हो सकती है। इसका खुलासा पुणे के विशेषज्ञों ने अपनी हालिया रिपोर्ट में किया है। विशेषज्ञों ने तेचावनी दी यदि प्रदूषण को रोकने का प्रभावी प्रबंध नहीं किया गया तो जल्दी ही यह नौबत आ जाएगी कि ऑक्सीजन भी पानी की तरह दुकानों पर बिकने लगेगा और लोग ‘काला दमा’ से पीड़ित हो जाएंगे। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुणे स्थित चेस्ट रिसर्च फाउंडेशन के डॉ. संदीप साल्वी ने बताया देश में शहरीकरण के साथ प्रदूषण भी तेजी से बढ़ रहा है। आज दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में भारत के 15 शहर शामिल हैं। देश में फेफड़ा रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। डॉ. संदीप साल्वी का कहना है कि इंसान को रोजाना 3 हजार लीटर ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है।

इसमें रोजाना एक इंसान 500 लीटर ऑक्सीजन आराम के दौरान, 1 हजार लीटर रोजमर्रा के कार्य और 1500 लीटर ऑक्सीजन एक्सरसाइज करते समय लेता है। वहीं, प्रति लीटर 10 किलोमीटर का माइलेज रखने वाली कार का इंजन एक लीटर पेट्रोल की खपत में इंजन 1700 लीटर ऑक्सीजन लेता है। ऐसे में आने वाले वक्त में गाड़ियां बढती जाएंगी तो जाहिर है ऑक्सीजन की मात्रा कम होती जाएगी। डॉ. संदीप साल्वी ने यह भी बताया भारत में हर दिन प्रदूषण से मरने वाले लोगों की संख्या बढती जा रही है। हर साल काला दमा (सीओपीडी) से 8.48 लाख, दमा से 1.83 लाख, प्रदूषण से 6.82 लाख लोगों की मौत हो रही है। यह आंकड़ा इसलिए चिंताजनक है, जितने लोग एड्स, टीबी, मलेरिया जैसी बीमारियों से नहीं मरे उससे कई गुना ज्यादा लोग वायु प्रदूषण से मर रहे हैं।

– ईएमएस