लोकसभा चुनाव : राजनीतिक दलों में बढ़ी मांग से हेलीकोप्टर व चार्टड फ्लाईट्स की बुकिंग हुई फूल


प्रतिकात्मक तस्वीर (PC : rediff.com )

लोकसभा चुनाव दरवाजे पर दस्तक दे चुके हैं। ऐसे में भाजपा तथा कांग्रेस सहित विविध राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के प्रचार के लिए हैलिकॉप्टर तथा छोटे विमानों की मांग काफी बढ़ गई है। चुनाव के मौसम में बढ़ती इस मांग के कारण यह सेवाएं भी काफी महंगी हो गई हैं। 3 घंटे के लिए विमान का किराया 2 लाख से 10.5 लाख तक राजनीतिक दलों को चुकाना पड़ता है। इतनी बड़ी धन राशि भी पार्टियां देने के लिए तैयार हैं परंतु छोटे विमानों की कम संख्या के कारण वे उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। इससे राजनीतिक नेताओं द्वारा प्रचार अपना लक्ष्य पूर्ण नहीं हो पाता है।

सूत्रों द्वारा प्राप्त जानकारी के मुताबिक 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए तमाम छोटे विमान तथा हैलिकॉप्टर बुक हो चुके हैं। देश में 275 हैलकॉप्टर हाल में मौजूद हैं। जिसमें केन्द्र, राज्य सरकार, कोर्पोरेट सैक्टर, प्राइवेट सैक्टर सहित कई अन्य हैलिकॉप्टर शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि सत्ताधारी भाजपा पक्ष ने सबसे अधिक 50 प्रतिशत जितनी बुकिंग 54 से 60 दिनों के लिए कर दी है।

विविध राजनीतिक दलों के नेता तथा स्टार प्रचारक समय बचाने के लिए हैलिकॉप्टर तथा चार्टर्ड प्लेन का उपयोग करते हैं। एक विमान कम्पनी ने बताया कि चुनाव के लिए ट्विन तथा मल्टिपल इंजन टर्बो प्रोप्स की मांग भी बढ़ रही है। भारत में इस प्रकार के लगभग 24 विमान हैं परंतु फिलहाल हफ्ते भर के लिए विमानों की बुकिंग फुल हो गई है।

बुकिंग का किराया प्रति घंटे की दर से लिया जाता है। छोटे विमान का 75000 रुपये के हिसाब से तथा कम से कम 3 घंटे के हिसाब से किया जाता है। मध्यम वर्ग के विमान के लिए 3.30 घंटे के लिए विमान का किराया 2 लाख से ले कर 10.5 लाख रुपये रहता है।

चुनाव में सिंगल इंजन वाले विमानों का प्रयोग प्रचार में नहीं किया जा सकता इसलिए राजनेता उनका इस्तेमाल नहीं कर सकते। इनके अलावा भी कई कारण हैं जिसके चलते बड़े नेता विमानों का प्रयोग नहीं कर सकते। आने वाले समय में छोटे-बडे़ शहरों में विमान तथा हैलिकॉप्टर के लिए सुविधा की जाएगी। तब बड़े-बड़े नेता हैलिकॉप्टरों तथा प्राइवेट प्लेन में जगह-जगह जा कर प्रचार कर पाएंगे।