हिमाचल में भीषण सर्दी चंद्रा नदी जमी, कश्मीर में डल झील पर बिछी बर्फ की चादर


उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। यहां कई जगह नदी, नाले और झील जम चुके हैं।
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नई दिल्ली। उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। जम्मू कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में तो हालात और भी खराब हैं। यहां कई जगह नदी, नाले और झील जम चुके हैं। हिमाचल के लाहौल स्पीति में चंद्रा नदी जम गई है। इस समय -24 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। यहां पानी में बर्फ की सिल्लियां देखने को मिल रही हैं।

यही नहीं, राज्य की सिस्सू झील, नीलकंठ झील, दीपक ताल, सूरज ताल भी पूरी तरह से जम गए हैं। यहां के एक मात्र बिजली पावर प्रोजेक्ट थिरोट में भी पानी की कमी के चलते बिजली उत्पादन गिरा है। वहीं, जम्मू कश्मीर में श्रीनगर की डल झील में भी पानी जम गया है। श्रीनगर में बीती रात न्यूनतम तापमान माइनस 7 रिकॉर्ड किया गया। वहीं द्रास में पारा माइनस 27 तक पहुंचा।

दिल्ली में बुधवार को शीतलहर का कहर जारी रहा। पारा गिरकर 3.6 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा। जो इस मौसम का सबसे कम तापमान बताया जा रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि 28 दिसंबर के बाद पारा गिरकर 3.0 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। पंजाब और हरियाणा में शीतलहर का प्रकोप देखने मिल रहा है। बुधवार को अमृतसर में न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अमृतसर और हलवारा का न्यूनतम तापमान एक समान ही रहा और दोनों राज्यों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया।

वहीं, पठानकोट में पारा 2.9, लुधियाना में 2.8, फरीदकोट में 3.8, गुरुदासपुर में 3.5 और बठिंडा में 4.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। चंडीगढ़ में पारा 5.5 डिग्री सेल्सियस रहा। सिरसा, भिवानी, रोहतक, झज्जर और अंबाला सहित दोनों राज्यों में घने कोहरे के कारण कई जगहों पर दृश्यता कम रही। मौसम विज्ञानियों ने बताया कि हरियाणा और पंजाब में अगले कुछ दिनों में शीतलहर का असर जारी रहेगा। जबकि राजस्थान में न्यूनतम तापमान में वृद्धि के बावजूद कुछ हिस्सों में शीतलहर के कारण सर्दी का असर बरकरार है।

– ईएमएस