हैशटैग मी टू ‘गंदा’ कैंपेन : चेतन भगत


नई दिल्ली । युवाओं के सबसे पंसदीदा अंग्रेजी के लेखक और उपन्यासकार चेतन भगत भी मी टू अभियान रे शिकार हो गए थे। अपने पर लगे यौन शोषण के आरोप पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के कुछ दिनों बाद चेतन भगत ने उस महिला के ईमेल का एक स्क्रीन शॉट ट्वीट किया है।

चेतन भगत ने सोमवार सुबह एक के बाद एक कई ट्वीट किये जिनमें उन्होंने हैशटैग मीटू को एक गंदा कैम्पेन करार दिया है। भगत ने सोमवार सुबह ट्वीट किया जिसमें इस ईमेल का जिक्र करते हुए उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को झूठा बताया। भगत ने जिस ईमेल का स्क्रीनशॉट शेयर किया है उसके आखिर में ईरा ने ‘मिस यू किस यू’ लिखा है।

खुद पर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए भगत ने लिखा, तो कौन किसे किस करना चाहता था? इरा त्रिवेदी की तरफ से 2013 में मुझे भेजे गए इस मेल से सब साफ है। खासतौर पर आखिरी लाइन। इससे यह साफ है कि साल 2010 की घटना को लेकर उन्होंने जो आरोप लगाया था वह झूठ था। यह उन्हें भी मालूम है। मुझ पर और मेरे परिवार पर यह मेंटल हरासमेंट रुकना चाहिए। गलत आरोप लगाकर इस अभियान को खराब न करें।

चेतन भगत ने दावा किया है कि वर्ष 2010 में एक कॉलम लिखते वक्त उन्होंने आईएएस अधिकारियों के बच्चों के खिलाफ बड़े पैमाने पर लिखा था। उन्होंने इरा त्रिवेदी को टारगेट करते हुए कहा कि वह भी दिल्ली के एक आईएएस अधिकारी की बेटी हैं। इस अभियान को गंदा बताते हुए चेतन ने अनुरोध किया कि ‘लोग इस आंदोलन पर विश्वास न करें।’

उन्होंने ट्वीट करके कहा, एक व्यक्ति की प्रतिष्ठा उसके लिए सबसे अधिक मूल्यवान है जो कि जीवनपर्यांत काम आती है। मुझ पर फर्जी आरोप लगाना शर्मनाक है। यह चीज एक व्यक्ति को कमजोर कर सकती है।

-ईएमएस