किसानों के मुद्दे पर संवदेनशील है सरकार : योगी


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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कानून को को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नही दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों के लिए जितना किया, उतना किसी सरकार में नहीं किया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ  में आयोजित प्रेस कांफ्रें स में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार ने प्रदेश के किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ कर 86 लाख लघु एवं सीमांत किसानों को राहत प्रदान की। बिचौलियों को खत्म कर 53 लाख मीट्रिक टन गेहूं सीधे किसानों से खरीदा, साथ ही गन्ना किसानों का बकाया भुगतान कराने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास किए।

योगी ने किसानों के प्रदर्शन पर कहा कि दिल्ली जाने का हक सभी को है, लेकिन किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए। किसानों का प्रतिनिधिमंडल जब गृहमंत्री से बात कर रहा है तो प्रदर्शनकारियों को धैर्य रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद ये केंद्र की पहली सरकार है, जिसके एजेंडे में किसान हैं। मोदी सरकार ने किसानों की समस्याओं का समाधान किया। किसानों को सइल हेल्थ कार्ड, नीम कोटेड यूरिया के साथ ही प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना व सिंचाई योजना लागू कर उन्हें लाभ पहुंचाया।

योगी ने यूपी सरकार द्वारा किसानों के लिए किए गए काम का जिक्र करते हुए कहा, “हमारी सरकार ने आते ही किसानों का फसली ऋण माफ किया। धान और गेहूं के क्रय केंद्र स्थापित किए। पिछले वर्ष 37 लाख टन और इस वर्ष 53 लाख टन गेहूं सीधे किसानों के खरीदा गया। आगे 50 लाख टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।”

उन्होंने कहा, “हमने गन्ना किसानों को 26 हजार करोड़ का भुगतान करवाया। हमारी सरकार की प्राथमिकता में किसान थे। अभी भी हैं और आगे भी किसानों की बेहतरी के लिए जो भी किया जा सकता है वो हम करेंगे।”

योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल से सोमवार को तीन घंटे तक बातचीत हुई थी। सभी कुछ सही माहौल में हुआ था। सरकार किसानों की अधिकांश मांगों पर सहमत हो गई थी, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व माहौल को बिगाड़ने में जुटे हुए हैं। कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।

-आईएएनएस