लैंगिक असमानता देश के विकास में बड़ी बाधा, बेटियां बंदिशें तोड़ रही हैं, यह अच्छा संकेत : मोदी


(PC : news18.com)

मन की बात कार्यक्रम में पीएम बोले – जो देश फिट, वही रहेगा हिट

नई दिल्ली (ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मन की बात कार्यक्रम के 62वें अंक में हुनर हाट, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, शिक्षा और कॉप कन्वेंशन का विस्तार से जिक्र किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा हुनर हाट में भाग लेने वाले कारीगरों में 50 फीसदी से अधिक महिलाएं हैं। उन्होंने कहा जीवन अनमोल है। हमें किसी भी अवसर को हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। केवल इसी तरह अपने और देश के विकास की मजबूत बुनियाद रखी जा सकती है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा जो देश फिट है, वही हिट रहेगा। इस लिए युवाओं को सबसे अधिक ध्यान अपने स्वास्थ्य पर देना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले तीन सालों में हुनर हाट के माध्यम से तीन लाख कारीगरों, शिल्पकारों को रोजगार के नए अवसर मिले हैं। हुनर हाट कला के प्रदर्शन के लिए बेहतरीन मंच है, साथ ही साथ लोगों के सपनों को भी पंख दे रहा है। यहां देश की विविधता को अनदेखा करना असंभव है। शिल्पकला तो है ही, साथ ही हमारे खाने-पीने की विविधता भी है।

पीएम मोदी ने कहा लैंगिक असमानता भी देश के विकास में एक बड़ी बाधा है, लेकिन देश की बेटियां अब बंदिशों को तोड़ रही हैं, यह देखकर निश्चिंत हुआ जा सकता है। पीएम मोदी ने कहा आने वाले महीने तो एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए बहुत उपयुक्त हैं। भारत का भौगोलिक परिवेश ऐसा है, जो हमारे देश में एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए ढेरों अवसर प्रदान करता है। एक तरफ जहां ऊंचे-ऊंचे पहाड़ हैं, तो दूसरी तरफ दूर-दूर तक फैला रेगिस्तान है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जहां घने जंगलों का बसेरा है, वहीं समुद्र का असीम विस्तार है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश की जैव-विविधता और सर्दियों में हिन्दुस्तान आने वाले प्रवासी पक्षियों का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत का आतिथ्य स्वाकार करते हुए दुनिया भर से अलग-अलग प्रजातियों के पक्षी हर साल यहां आते हैं, गर्व की बात है कि 3 सालों तक भारत कॉप कन्वेंशन की अध्यक्षता करेगा, इस अवसर को कैसे उपयोगी बनाएं, इसके लिए आप अपने सुझाव जरुर भेजें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुरादाबाद के हमीरपुर गांव में रहने वाले दिव्यांग सलमान की कहानी भी साझा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा हाल ही में मैंने मीडिया में एक ऐसी कहानी पढ़ी जिसे में आपसे जरूर साझा करना चाहता हूं। ये कहानी मुरादाबाद के हमीरपुर गांव में रहने वाले सलमान की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सलमान जन्म से ही दिव्यांग हैं। उनके पैर, उनका साथ नहीं देते। इस कठिनाई के बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी, खुद ही अपना काम शुरू करने का फैसला किया। उन्होंने यह भी निश्चय किया कि वह अपने जैसे दिव्यांग साथियों की भी सहायता करेंगे। फिर क्या था, सलमान ने अपने गांव में चप्पल और डिटर्जेंट बनाने का काम शुरू कर दिया।

प्रधानममंत्री मोदी ने कहा कि देखते ही देखते उनके साथ 30 दिव्यांग साथी जुड़ गए। आप भी गौर कीजिए कि सलमान खुद से चलने में दिक्कत थी, लेकिन उन्होंने दूसरों का चलना आसान करने वाली चप्पल बनानी शुरु की। सलमान ने सभी दिव्यांगों को ट्रेनिंग दी। सलमान ने 100 और दिव्यांगों को रोजगार देने का संकल्प लिया है।

प्रधानमंत्री ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात में कहा कि कुछ दिनों पहले, मैंने दिल्ली के हुनर हाट में एक छोटी सी जगह में हमारे देश की विशालता, संस्कृति, परम्पराओं, खानपान और जज्बातों की विविधताओं के दर्शन किए। हुनर हाट में बिहार के स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया। हमारे देश की विशालता और विविधता को याद करना, नमन करना हर भारतीय को गर्व से भर देता है। इस विविधता के अवसर का अनुभव आनंद से भर देने वाला होता है।

पीएम मोदी ने कहा कि हुनर हाट में एक दिव्यांग महिला की बातें सुनकर बड़ा संतोष हुआ। उन्होंने मुझे बताया कि पहले वह फुटपाथ पर अपनी पेंटिंग बेचती थी, लेकिन हुनर हाट से जुड़ने के बाद उनका जीवन बदल गया। आज वह न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि उन्होंने अपना घर भी खरीद लिया है।

उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी को अपने पिछले संबोधन में प्रधानमंत्री ने लोगों से नए दशक में नए संकल्प के साथ भारत माता की सेवा करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा था कि दुनिया को भारत से जो उम्मीदें हैं, उसे वह पूरी करेगा।

पीएम मोदी ने काम्या कार्तिकेयन का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा मैं आपके साथ 12 साल की बेटी काम्या कार्तिकेयन की उपलब्धि की चर्चा जरूर करना चाहूंगा। काम्या ने सिर्फ 12 साल की उम्र में ही माउंट एकॉन्कागुआ को फतह किया। यह चोटी 7000 मीटर ऊंची है। आखिर कौन हैं काम्या कार्तिकेयन, जिनके काबिलियत का जिक्र प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में किया। 12 वर्षीय काम्या कार्तिकेयन सातवीं की छात्रा हैं। वह मुंबई के नेवी चिल्ड्रन स्कूल की छात्रा हैं।

उन्होंने दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट एकॉन्कागुआ फतह करके सभी को चौंका दिया। ऐसा करने वाली वह दुनिया की सबसे कम उम्र की लड़की बन गई हैं। यह चोटी एशिया के बाहर सबसे ऊंची चोटी है। 6962 मीटर की ऊंचाई वाली माउंट एकॉन्कागुआ चोटी पर काम्या ने 1 फरवरी, 2020 को फतह किया और भारत का तिरंगा लहराया।

पीएम मोदी ने 105 साल की उम्र में परीक्षा पास करने वाली भागीरथी अम्मा को भी याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि उनका जीवन प्रेरणा देता है कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए भीतर के विद्यार्थी को कभी मरने नहीं देना चाहिए। अम्मा पढ़ना चाहती हैं। उनके जज्बे को प्रणाम।