गांधीजी के सिद्धांत और दर्शन आज भी बहुत प्रासांगिक है : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद


आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्वर्ण भारत न्यास के १८ वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होकर उसका मान बढ़ाया।
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नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज वेंकटचलम स्थित स्वर्ण भारत न्यास के १८ वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होकर उसका मान बढ़ाया। राष्ट्रपति ने कहा कि जब स्वर्ण भारत न्यास की स्थापना की जा रही थी उसने महात्मा गांधी के गांव की ओर वापस चलो के नारे से प्रेरणा ली थी। इसके जरिए गांधी जी ने गांवों को इस तरह विकसित करने कि आवश्यकता पर बल दिया था जिससे वहां के लोगों को एक सम्मानित, सादगी भरा और समृद्ध जीवन व्यतीत करने के लिए सभी जरूरी सुविधाए उपलब्ध हों। उन्होंने कृषि, स्वच्छता, शिक्षा और सतत जीवन शैली पर भी जोर दिया था।

राष्ट्रपति ने कहा कि गांधी जी के सिद्धांत और दर्शन आज भी बहुत प्रासांगिक है, हालांकि बदलते समय के साथ नए साधनों के जरिए इन सिद्धांतों पर अमल करने की कोशिश होनी चाहिए। इसमें प्रौद्योगिकी काफी मदद कर सकती है।

राष्ट्रपति को यह जानकर प्रसन्नता हुई कि स्वर्ण भारत न्यास सामाजिक रूप से प्रासंगिक और जन केंद्रित ऐसी गतिविधियों में लगा हुआ है जो कई क्षेत्रों से जुड़े हैं, जिसमें शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य सेवा और कृषि से लेकर कौशल प्रशिक्षण आदि शामिल हैं। उन्हें यह जानकर भी खुशी हुई कि ग्रामीण समुदायों की मदद करने के लिए स्वर्ण भारत ट्रस्ट विज्ञान और प्रौद्योगिकी के उपयोग और नवाचार पर जोर देता है।

– ईएमएस