वेद के विधान से चलती है सृष्टि : बाबा रामदेव


(Photo: Amlan Paliwal/IANS)

नई दिल्ली । योग गुरु बाबा रामदेव ने विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल की याद में सिंघल संस्थान की ओर से आयोजित भारतात्मा अशोक सिंघल वैदिक पुरस्कार समारोह में कहा कि सृष्टि का शासन वेद के विधान से ही चलता है।

उन्होंने कहा कि वेद किसी धर्म या मजहब की पुस्तक, शादी-ब्याह, पूजा पाठ या गृहप्रवेश कराने का मंत्र भर नहीं है बल्कि इससे सृष्टि का शासन चलता है। वेद को किसी धर्म की नजर से नहीं देखना चाहिए। ये धर्म से बहुत ऊपर है। मजहब तो हमारे देश में तीन हजार साल पहले आया उससे पहले वेद के आधार पर ही सृष्टि का संचालन होता था।

भारतात्मा अशोक सिंघल वैदिक पुरस्कार समारोह में मंगलवार शाम बाबा रामदेव ने कहा कि वेद के प्रसार से पतंजलि योगपीठ जुड़ी है और करीब 500 छात्रों को शिक्षा दी जा रही है।

बाबा रामदेव से जब काला धन लाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि धन कभी असुरों या गलत काम करने वालों के पास नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि वेद हमारे पुरातन धर्म का आधार हैं। उन्होंने कहा कि यजुर्वेद की पहली पंक्ति में ही लिखा है कि चाहे कुछ भी हो देश में चोरों का शासन नहीं होना चाहिए।

भारतात्मा अशोक सिंघल वैदिक पुरस्कार समारोह में सर्वश्रेष्ठ वैदिक स्कूल के रूप में महाराष्ट्र के आलंदि स्थित सदगुरु निजानंद महाराजवेद विद्यालय का चयन किया गया।

संस्थान को सर्वश्रेष्ठ वैदिक स्कूल के पुरस्कार स्वरूप सात लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी के रूप में मध्य प्रदेश के नीमच के पंकज कुमार शर्मा का चयन किया गया जिन्हें 3 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। सर्वश्रेष्ठ शिक्षक का पुरस्कार वाराणसी के श्रीधर को दिया गया जिन्हें पुरस्कार राशि के रूप में 5 लाख रुपये प्रदान किए गए।

सिंघल फाउंडेशन के ट्रस्टी सलिल सिंघल ने कहा कि पुरस्कार समारोह के लिए उम्मीदवारों के चयन के लिए विशेष समिति का गठन किया गया। सिंघल फाउंडेशन से जुड़े संजय सिंघल ने पुरस्कार समारोह के सफल आयोजन के लिए सभी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पुरस्कार समारोह के आयोजन का मूल उद्देश्य भारत में वैदिक शिक्षा को प्रोत्साहित करना है और इस कार्य में जुटे लोगों की सराहना करना है।

-आईएएनएस