जानिये परमाणु प्रसार जोखिमों और परमाणु हमले की आशंका पर क्या बोले मनमोहन सिंह


नई दिल्ली (ईएमएस)। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि नए परमाणु प्रसार जोखिमों और चुनौतियों से परमाणु हमले की आशंका बढ़ सकती है। उन्होंने कहा भारत परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र है, लेकिन वह इसके पहले इस्तेमाल नहीं करने की नीति पर दृढ़ता से कायम रहा है।

पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनमोहन सिंह ने ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) की किताब ‘न्यूक्लियर ऑर्डर इन दि ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी’ के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। यह किताब पूर्व राजनयिक राकेश सूद ने लिखी है।

मनमोहन सिंह ने कहा कि कुछ पुराने हथियार नियंत्रण समझौतों को इतिहास बनाने की कोशिशों से मौजूदा परमाणु वैश्विक व्यवस्था पर तनाव बढ़ रहा है। पिछले 70 सालों में परमाणु विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के परिपक्व होने का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि अब उन तक पहुंच और उन्हें हासिल करना आसान है, जिसके कारण नए प्रसार जोखिम एवं नई चुनौतियां पैदा हो गई हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), अंतरिक्ष में बढ़ती पहुंच और साइबर जगत की संवेदनशीलताओं ने ज्यादा अनिश्चितता को जन्म दिया है।

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कई नेता चिंतित हैं कि इससे पूर्व अनुमान नहीं लगा पाने की प्रवृति बढ़ेगी और निर्णय लेने की समय-सीमा में कमी आएगी। इससे बिना इरादे के ही तनाव बढ़ सकता है, परमाणु हमले की आशंका बढ़ सकती है और कुछ ऐसा हो सकता है, जिसे 1945 के बाद से दुनिया ने नहीं देखा है। साथ ही सिंह ने कहा बहुध्रुवीयता वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक वास्तविकता बन गई है, लेकिन राजनीतिक ढांचे अब भी जड़त्व की पुरानी पड़ चुकी सोच से उबर नहीं सके हैं।

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