तेजस को मिली फाइनल ऑपरेशनल क्लियरेंस, जल्द वायु सेना के बेड़े में होगा शामिल


भारत में बने एलसीए तेजस को शनिवार को फाइनल ऑपरेशनल क्लियरेंस मिल गई है।
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नई दिल्ली। भारत में बने एलसीए तेजस को शनिवार को फाइनल ऑपरेशनल क्लियरेंस मिल गई है। हल्के लड़ाकू विमान तेजस एमके-1 को बुधवार को अंतिम संचालन मंजूरी (एफओसी) दे दी गई है। विमान के लिए एफओसी की औपचारिक घोषणा रक्षा विभाग के आर एंड डी सचिव और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के अध्यक्ष जी.सतीश रेड्डी ने की। एयर इंडिया शो के एफओसी प्रमाण पत्र और रिलीज टू सर्विस डॉक्यूमेंट वायुसेना प्रमुख को सौंप दिया गया है। इस दौरान रक्षा सचिव, एचएएल के अध्यक्ष और सेंटर फॉर मिलिट्री एयरवर्दीनेस एंड सर्टिफिकेशन के प्रमुख मौजूद रहे।

बात दे कि तेजस भारत द्वारा विकसित किया जा रहा एक हल्का व कई तरह की भूमिकाओं वाला जेट लड़ाकू विमान है। यह हिन्दुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड द्वारा विकसित एक जेट इंजन वाला, अनेक भूमिकाओं को निभाने में सक्षम एक हल्का युद्धक विमान है। इस मौके पर एचएएल चीफ ने बताया कि तेजस पूरी तरह कंबेट रेडी है। दो साल के भीतर इसकी स्क्वाड्रन भी वायु देना को सौंप दी जाएगी।

एचएएल ने तेजस मार्क-1A और मार्क-2 को भी तैयार करने का रोड मैप तैयार कर दिया है। उम्मीद की जा रही है कि यह भी 2023 तक मार्क 1ए की फ्लाइट वायु सेना को सौंप दी जाएगी। करीब 83 फ्लाइट्स के ऑर्डर का क्लीयरेंस भी दो महीनों के भीतर हो जाने की एचएएल उम्मीद कर रहा है। मेक इन इंडिया के तहत इन एयरक्राफ्ट्स को तैयार किया जा रहा है। जो कि वायु सेना की शक्ति को बढ़ाएंगे। इतना ही नहीं एचएएल इन्हें एक्सपोर्ट करने के लिए भी रोड मैप तैयार कर रहा है। जिसके लिए एशियन, नॉर्थ अफ्रीकन और पैसिफिक रीजन के देश शामिल हैं।

– ईएमएस