रोजगार पर सवाल: मोदी सरकार देगी जवाब


केंद्र सरकार के कर्मचारी प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में खाली पदों का डेटा इकट्ठा करने के काम में लगे हुए हैं।
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पीएमओ ने मांगा खाली पदों का डेटा

बेंगलुरु । इस समय केंद्र सरकार के कर्मचारी प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में खाली पदों का डेटा इकट्ठा करने के काम में लगे हुए हैं। पीएमओ ने यह कदम कदम विपक्ष के उन आरोपों के बाद उठाया है जिसमें कहा जा रहा है कि नरेंद्र मोदी की सरकार नए रोजगार के मौकों का सृजन करने में तो असफल रही ही है, साथ ही वर्तमान में खाली पड़े सरकारी पदों पर भी नियुक्ति नहीं की जा रही हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के इन निर्देशों के बाद मंत्रालयों और विभागों में आंतरिक सर्कुलर जारी किया गया है और वहां पदों की संख्या और खाली पदों के बारे में जानकारी मांगी गई है। इस बारे में 3 मई को जारी किए गए अंडर सेक्रेटरी फणी तुलसी के द्वारा जारी किए गए सर्कुलर के मुताबिक, वित्त मंत्रालय को सूचित किया गया है कि जल्द ही इस संबंध में पीएमओ द्वारा एक मीटिंग रखी जाएगी जिसमें विभिन्न विभागों में खाली पदों पर चर्चा की जाएगी। इसमें 30 अप्रैल 2019 तक खाली विभिन्न पदों के बारे में जानकारी मांगी गई है।

विभिन्न विभागों में 40 से 50 फीसदी पद खाली

विभिन्न विभागों में 40 से 50 फीसदी पद खाली हैं। इनकम टैक्स विभाग में 50 फीसदी और सीएजी में 45 फीसदी पद खाली हैं। ये सभी पद सरकार द्वारा स्वीकृत हैं लेकिन इन पर भर्ती नहीं की जा रही हैं। अब ऐसी वेकंसी का डेटा इकट्ठा करने की रिपोर्ट्स अगर इस समय सामने आ रही हैं तो इनका कोई मतलब नहीं है। इस मामले पर प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह कॉमेंट के लिए उपलब्ध नहीं थे। केवल रेलवे में ही इस समय 3.8 लाख पद खाली हैं लेकिन सरकार द्वारा इन पर भर्तियां करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।

– ईएमएस