ईसी के नोटिस पर सीएम योगी बोले- चुनावी मंच भजन गाने के लिए नहीं


भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव प्रचार के दौरान अपने बयानों को लेकर पुन: चर्चा में हैं।
(Photo: IANS)

नई दिल्ली । लोकसभा चुनाव में नेताओं की जुबान पर लगाम लगाने के लिए भले ही चुनाव आयोग ने सख्त रवैया अपनाया हो पर नेता है कि वे सुधरने का नाम नहीं ले रहे है। अब भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव प्रचार के दौरान अपने बयानों को लेकर पुन: चर्चा में हैं। 72 घंटे का बैन लगने के बाद एक बार फिर चुनाव आयोग ने योगी को ‘बाबर की औलाद’ कहने पर नोटिस जारी किया है। ईसी के बैन पर योगी आदित्यनाथ ने जवाब दिया कि चुनावी मंच विरोधियों पर निशाना साधने के लिए ही होता है, ना कि भजन गाने के लिए दिए इंटरव्यू में यूपी सीएम से जब चुनाव आयोग के नोटिस पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भजन करने के लिए मंच पर जाते हैं क्या? उखाड़ देने के लिए और अपने विरोधियों को घेरने के लिए मंच पर जाते हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारा काम विरोधियों की कमियों को उजागर करना और उन्हें जनता के सामने रखना है। अगर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस हमें चुनाव के दौरान गाली दें, तो हम बुरा नहीं मानेंगे। बता दें कि योगी आदित्यनाथ चुनाव प्रचार के दौरान ना सिर्फ प्रदेश में बल्कि पूरे देश में रैलियां कर रहे हैं। संभल में एक जनसभा के दौरान योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी को ‘बाबर की औलाद’ बताया था। जिस पर चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भेजा और 24 घंटे में जवाब देने को कहा है। इससे पहले चुनाव आयोग योगी आदित्यनाथ पर 72 घंटे के लिए प्रचार पर बैन लगा चुका है। योगी ने अपने एक भाषण में मुस्लिम लीग के झंडों को वायरस बताया था, तो वहीं उन्होंने भारतीय सेना को मोदी जी की सेना कहकर संबोधित किया था। सिर्फ योगी आदित्यनाथ ही नहीं बल्कि इस बार चुनाव आयोग कई बड़े नेताओं पर उनके बयानों की वजह से बैन लगा चुका है। जिसमें केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, बसपा प्रमुख मायावती, सपा नेता आजम खान (दो बार), भोपाल से बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर जैसे बड़े नेता शामिल हैं।

– ईएमएस