ड्राइविंग लाइसेंस में होने जा रहा है बदलाव, ट्रैफिक नियम तोडऩे वाले हो जाएं सावधान


सडक़ों पर ट्रैफिक नियम तोडक़र आप पुलिस की नजर से बच जाएंगे ऐसा सोचना भी भारी पड़ सकता है।
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नई दिल्ली। सडक़ों पर ट्रैफिक नियम तोडक़र आप पुलिस की नजर से बच जाएंगे ऐसा सोचना भी भारी पड़ सकता है। क्योंकि आने वाले दिनों में देश के सभी प्रदेशों और केंद्रशासित राज्यों से जारी होने वाले नए ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) और गाड़ी के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट्स (आरसी) बदलने वाले हैं। दरअसल ये दिखने में पहले जैसे ही होगा। इनके रंग, लुक, डिजाइन और सिक्यॉरिटी फीचर्स सब सेम होगा। इन स्मार्ट डीएल और आरसी में माइक्रोचिप व क्यूआर कोड लगा होगा, जिसके चलते अतीत में किए गए नियम उल्लंघनों को छिपाना लगभग असंभव होगा। इस क्यूआर कोड के जरिए केंद्रीय ऑनलाइन डेटाबेस से ड्राइवर या वाहन के पिछले रिकॉर्ड को एक डिवाइस के जरिए पढ़ा जा सकेगा। ट्रैफिक पुलिस को उनके पास मौजूद डिवाइस में कार्ड को डालते ही या क्यूआर कोड को स्कैन करते ही गाड़ी और ड्राइवर की सारी डिटेल मिल जाएंगी।

सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक अधिसूचना के अनुसार, 1 अक्टूबर से पूरे देश में एक जैसे ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाएंगे। मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन का अनुसार, देश के प्रत्येक राज्य का ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र (आरसी) के फॉर्मेट एक समान होगा। इन सभी ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी का कलर भी समान होगा। कार्ड में मौजूद एनएफसी फीचर के जरिए किसी भी गाड़ी और ड्राइवर की पिछले 10 साल की डिटेल्स सामने आ जाएंगी। एनएफसी सुविधा अभी तक मेट्रो रेल और एटीएम के स्मार्ट कार्ड में उपयोग की जाती है। एक अधिकारी ने कहा,हालांकि चिप और एनएफसी सुविधा को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव था लेकिन केंद्र ने राज्य सरकारों को विकल्प छोडऩे का फैसला किया। देश में रोजाना करीब 32,000 डीएल या मामले होते हैं या रीन्यू किए जाते हैं। इसी तरह रोजाना करीब 43,000 गाडय़िां रजिस्टर या रि-रजिस्टर होती हैं। इस नए डीएल या आरसी में 15-20 रुपए से अधिक का खर्च नहीं होगा। ट्रांसपोर्ट मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक इस बदलाव से ट्रैफिक का जिम्मा संभालने के जिम्मेदारों को भी सहूलियत होगी।

– ईएमएस