उड़िसा के समुद्री तट से टकरा सकता है चक्रवाती तूफान ‘फानी’, चौकस हुई भारतीय नौसेना


(PC : twitter/@Indiametdept)

चक्रवाती तूफान ‘फानी’ के समुद्र तटीय क्षेत्र से टकराने के बाद पैदा होने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिये भारतीय नौसेना पूरी तरह से तैयार है। यह आधिकारिक बयान भारतीय नौसेना की ओर से जारी किया गया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने जानकारी दी है कि चक्रवात की गति और बढ़ गई है और गुरुवार तक उड़िसा की ओर गति करते हुए इसके ‘अति तीव्र’ होने की संभावना है। सोमवार को तूफान चैन्नई से ८८० किमी दक्षिण में स्थित था, जिसके उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़कर बुधवार को उत्तर-पूर्व की ओर गति करने का अनुमान है।

 

भारत सरकार चक्रवाती तूफान फानी को लेकर अत्यंत सतर्क है। नेशनल डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स और इंडियन कोस्ट गार्ड को हाई एलर्ट पर रखा गया है। भारतीय नौसेना ने भी पर्याप्त मात्रा में जहाजों को अतिरिक्त गोताखोरों, चिकित्सकों, रबर बोट्स और राहत सामग्री से लैस कर रखा है।

आपदा की स्थिति में काम करने वाली देश की सबसे बड़ी संस्था नेशनल क्राईसिस मैनेजमैंट कमिटी (एमसीएमसी) ने सभी संबंधित राज्यों को आश्वस्त किया है कि वह मदद के लिये हर संभव तैयार है। सोमवार को नई दिल्ली में कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की अगुवाई में बैठक हुई। मंगलवार को फिर समीक्षा बैठक होगी।

उड़िसा के स्वास्थ्य निदेशक हाराप्रसाद पटनायक के अनुसार तूफान फानी के ३ मई को सायं ५.३० बजे तक राज्य के तटीय क्षेत्रों से टकराने की संभावना है, और गजपति, मयूरभंज, गंजम, पूरी, खोरडा, नायगढ़, कटक, जगतसिंहपूर, भरडाक, बालासोर, जाजपुर, धेनकानल, अंगुल और कोनूझार के समुद्र तटीयइ इलाके फानी की जद में हैं।

बता दें कि भारतीय वायु सेना और ब्रह्मोस एयरोस्पेस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का परीक्षण करने वाले थे, जिसे फिलहाल टाल दिया गया है।