विपक्षी दलों के राहुल गांधी को पीएम पद का उम्मीदवार बनाने पर सीपीआई ने कहा- हो सकता है नुकसान


भकपार्टी लोकसभा चुनाव से पहले प्रस्तावित भाजपा विरोधी मोर्चे के लिए राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार तय करने के पक्ष में नहीं है।
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नई दिल्ली। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव से पहले प्रस्तावित भाजपा विरोधी मोर्चे के लिए राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार तय करने के पक्ष में नहीं है। भाकपा का तर्क है कि कई उम्मीदवार होने से चुनावी संभावनाओं पर बुरा असर हो सकता है। रविवार को द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम विपक्षी गठबंधन के प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के तौर पर प्रस्तावित किया था। भाकपा महासचिव एस सुधाकर रेड्डी ने बताया, अगर किसी को दावेदार के तौर पर पेश किया जाता है, तो हम कुछ नहीं कर सकते। हम इसका विरोध नहीं कर रहे हैं। स्टालिन की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, हमारा मानना है…किसे प्रधानमंत्री होना चाहिए….इस पर चर्चा चुनाव के बाद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्टालिन ने राहुल का नाम इसलिए प्रस्तावित किया होगा कि वह सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के अध्यक्ष हैं। रेड्डी ने कहा, हर व्यक्ति के पास अपना विचार है। हमारी पार्टी पहले भी यह कह चुकी है। इसका निर्णय चुनाव के बाद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी की राय यह है कि अगर पीएम का निर्णय चुनाव के बाद होगा तो यह सबसे अधिक सुविधाजनक होगा।

सूत्रों के हवाले से मिल रही खबर के मुताबिक विपक्षी दलों के कई नेता 2019 के लोकसभा चुनावों में विपक्षी गठबंधन की ओर से किसी का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए नामित किये जाने के खिलाफ लगते हैं। विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, कई नेता प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के रूप में किसी का नाम घोषित किये जाने के खिलाफ हैं। सपा, तेदेपा, बसपा, तृणमूल और राकांपा स्टालिन की घोषणा से सहमत नहीं है। यह जल्दीबाजी है। लोकसभा परिणामों के बाद ही प्रधानमंत्री का निर्णय होगा।

राहुल गांधी के समर्थन में स्टालिन, पीएम पद का दावेदार बताया​

वहीं मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के लिए नामित कमलनाथ ने कहा है मुझे यकीन नहीं है कि लोगों को कोई समस्या होगी। राहुल गांधी ने कभी नहीं कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री पद चाहिए। इसके बारे में बिना कोई शर्त के साथ सभी साथी दलों से चर्चा की जाएगी और कांग्रेस उसी फैसले के साथ जाएगी। आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा है कि राहुल गांधी में तमाम काबिलियत है। लेकिन राहुल भी नहीं चाहेंगे कि व्यक्तिवादी विमर्श में उलझकर सामूहिकता के मुद्दे गायब हो जाएं। तृणमूल कांग्रेस सांसद सुखेंद्र शेखर रॉय ने इस सवाल को टाल दिया और कहा कि इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहता हैं।

– ईएमएस