चीन के बाद अन्य देशों में फैलता कोरोना संक्रमण; कितना तैयार है भारत?


प्रतिकात्मक तस्वीर। (PC : beteches.com)

चीन के वुहान से शुरु हुआ कोरोना संक्रमण अब विश्व-व्यापी महामारी का रूप लेता दिख रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस बाबत की चिंता जताई है। ईरान में कोरोना के मामले तेजी से प्रकाश में आ रहे हैं, जहां कई आला सरकारी चेहरे इसकी चपेट में आ चुके हैं। अमेरिकी विदेश सचिव माईक पोम्पियो ने आशंका जताई है कि ईरान शायद कोरोना संक्रमण संबंधी जानकारी छुपा रहा है।

दुनिया भर में बढ़ते खतरे के बीच भारत में पिछले चंद दिनों से शेयर बाजार लगातार गिर रहा है। शुक्रवार को कोरोना की दहशत से बाजार ने लंबा गोता लगाया है। ऐसे में आशंका यह जताई जा रही है कि भारत कोरोना की संभावित जंग से लड़ने के लिये कितना तैयार है?

अमेरिकी खुफिया एजेंसी दुनिया भर में फैल रही इस बीमारी पर पैनी नजर बनाये हुए है। वह इस बाबत का भी आकलन कर रही है कि कौन सा देश इस बीमारी से निपटने के लिये कितना तैयार है। भारत के संबंध में उसने व्यापक चिंता जताई है। चुंकि यहां फिलहाल कोरोना के मामले प्रकाश में नहीं आये हैं लेकिन भारत की जनसंख्या और घनी आबादी को लेकर एजेंसी ने लाल आंख की है।

चीन में महामारी के चलते ठप्प पड़े कारोबार का असर भी दुनिया भर में दिखाई पड़ने लगा है क्योंकि कई उद्योगों में रॉ-मटीरियल की सप्लाई चीन से होती है। दुनिया की सबसे बडी मोबाईल कंपनी एपल ने अपना उत्पादन घटा दिया है। दुनिया भर के विमानन और मनोरंजन क्षेत्र में प्रतिकुल प्रभाव दिखाई पड़ रहा है। शुक्रवार को भारत में शेयर बाजार में हुई गिरावट में विमानन और मनोरंजन क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों की कीमत में भारी गिरावट भी देखी गई।

भारत में पहले ही कारोबार मंदा है और यदि कोरोना का कोई प्रतिकुल प्रभाव पड़ता है, तो सरकार को इकोनोमी को संभालने के लिये विशेष कदम उठाने पड़ेंगे। उधर देशों को चीन पर निर्भरता भी कम करनी होगी। विशेष रुप से दवा और ऑटो उत्पादन में रॉ-मटीरियल के लिये चीन पर निर्भरता कम करनी होगी। साथ ही राज्य सरकारों को भी स्वास्थ्य सेवाओं और आवश्यक दवाओं के पर्याप्त स्टॉक की व्यवस्था के संबंध में जागरूक रहना होगा।