सीबीआई विवाद: हाईकोर्ट ने राकेश अस्थाना की अंतरिम राहत २८ नवंबर तक बढ़ाई


सीबीआई के निदेशक और विशेष निदेशक दोनों अधिकारियों ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।
(File Photo: IANS)

नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों से सीबीआई में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच अतंर्कलह देखने को मिल रही है। दोनों अधिकारियों ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। अब इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना की अंतरिम राहत २८ नवंबर तक के लिए बढ़ा दी है। इससे पहले बीते शनिवार को इस पूरे विवाद पर सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ने सफाई दी थी।

उन्होंने कहा था कि हैदराबाद के व्यवसायी सतीश बाबू सना ने उन्हें जिस समय घूस देने की बात कही है, उस दौरान वह लंदन गए हुए थे। अस्थाना ने इस दावे को भी खारिज किया है कि व्यवसायी ने उनसे उस दौरान दिल्ली स्थित दफ्तर में मुलाकात की थी। गौरतलब है कि सीबीआई में शुरू हुई इस जंग का पता तब चला जब जांच एजेंसी ने अपने विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। इसके बाद अस्थाना ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को पत्र लिखा और कहा कि आलोक वर्मा ने उस व्यवसायी से घूस ली है जिसके मामले की जांच एजेंसी कर रही है। इसके बाद मामला बढ़ने पर पिछले महीने केंद्र सरकार ने दोनों अधिकारियों को छुट्टी पर भेज दिया। वहीं दोनों अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने का जिम्मा सीवीसी को सौंप दिया है।

सूत्रों के अनुसार मुख्य गवाह सतीश बाबू सना राकेश अस्थाना के खिलाफ दिए अपने बयान पर अडिग है। दोनों अधिकारियों ने एक दूसरे पर इस व्यवसायी से घूस लेने का आरोप लगाया है।

– ईएमएस