भाजपा को 1 साल में 532 करोड़ और सभी विपक्षी दलों को 130 करोड़ का चंदा


नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी को वर्ष 2016-17 में 532 करोड रुपए का चंदा मिला है। उसके बाद कांग्रेस को 42 करोड़ रुपए का चंदा मिला है। शिवसेना और आम आदमी पार्टी को 25-25 करोड़ रुपए का चंदा मिला है। भारत के 11 प्रमुख राजनीतिक दलों को लगभग 130 करोड रुपए का चंदा मिला है। इसको देखने से स्पष्ट है कि यदि इसी तरह से राजनीतिक दलों को चंदा मिला तो भाजपा का मुकाबला करने की स्थिति सभी राजनीतिक दलों को मिल जाने के बाद भी भाजपा का मुकाबला करने की स्थिति नहीं रहेगी।
केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद राजनीतिक दलों को चंदा मिलना लगभग बंद हो गया है। 2004- 05 में सभी दलों को मिलने वाले चंदे में कांग्रेस का हिस्सा सबसे ज्यादा था। उसे लगभग 43 फ़ीसदी चंदा मिलता था, जो 2016-17 में घटकर मात्र 6.2 फ़ीसदी रह गया है। इसी तरह भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर शेष सभी दलों को चंदा मिलना लगभग बंद हो गया है, जिसके कारण उन्हें अपने अस्तित्व को बनाए रखने में मुश्किल आ रही है।
भारतीय जनता पार्टी को 2016- 17 में 532 करोड रुपए शेष 11 राजनीतिक दलों में कांग्रेस को 42 करोड, शिवसेना को 25.58 करोड, आम आदमी पार्टी को 24.54 करोड, शिरोमणि अकाली दल को 15.45 करोड, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को 6.34 करोड़, समाजवादी पार्टी को 6.91 करोड़, माकापा को 5.25 करोड़, तृणमूल कांग्रेस को 2.15 करोड़, भाकपा को 1.44 करोड़, जदयू को 1.04 करोड़ रुपया चंदा मिला है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव के पूर्व भाजपा को छोड़कर शेष अन्य दलों के पास चुनाव लड़ने के लिए पैसा ही नहीं है। ऐसी स्थिति में यदि भाजपा यह कहती है कि वह 50 साल तक भारत में राज करेगी, तो इस स्थिति को देखकर भाजपा ने जो कहा है वह सही प्रतीत होता है।