NIA को पुलवामा मामले में बड़ी कामयाबी, मानव-बम आदिल को संरक्षण देने वाला शाकिर बशीर गिरफ्तार


प्रतिकात्मक तस्वीर (PC : Twitter)

नई दिल्ली (ईएमएस)। पुलवामा हमले में एनआईए को एक बडी कामयाबी मिली है। उसने जैश-ए-मोहम्मद के कार्यकर्ता शाकिर बशीर मेगरे को गिरफ्तार किया है। शाकिर पुलवामा का ही रहने वाला है। शाकिर की पुलवामा में फर्नीचर की दुकान है और कहा जा रहा है कि उसने मानव-बम आदिल अहमद दार को संरक्षण और अन्य प्रकार की सहायता प्रदान की थी।

पुलवामा हमले में आरोपी को मिली जमानत, कांग्रेस ने जांच को लेकर मोदी सरकार को किया कटघरे में खड़ा

इससे पहले दिल्ली की विशेष एनआईए अदालत ने पुलवामा हमले में शामिल आरोपी यूसुफ चोपन को जमानत दे दी। इसके बाद कांग्रेस ने पुलवामा हमले की जांच को लेकर मोदी सरकार पर सवाल उठाते कटघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि इस मुद्दे पर उसने सिर्फ राजनीतिक लाभ अर्जित किया है लेकिन शहीदों के बलिदान की परवाह नहीं की है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीपसिंह सुरजेवाला ने यूसुफ चोपन को दोषी मानते हुए कहा कि हमले के दोषी को ज़मानत मिल गई है, क्योंकि राष्ट्रीय जांच एजेंसी-एनआईए ने न तो सबूत इकट्ठे किए और न ही आरोपपत्र दायर किया।

उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने पुलवामा हमले पर राजनीतिक रोटियां सेकी हैं और इस बल पर सरकार भी बना ली, अब देश व शहीदों के बलिदान की मोदी सरकार को कहां परवाह। उन्होंने सरकार पर शहीदों के प्रति असंवेदनशील होने आरोप लगाया और कहा कि यह ये देश द्रोह नहीं तो क्या है। श्री सुरजेवाला ने देश तथा शहीद परिवारों की तरफ से सरकार से इस मुद्दे पर सवाल किए और कहा कि क्या इसकी सीधी जिम्मेवारी गृह मंत्री की नहीं। उन्होंने यह भी पूछा किया क्या इसके बाद भी श्री अमित शाह को पद से बर्खास्त नहीं करना चाहिए तथा क्या एनआईए प्रमुख के खिलाफ कारर्वाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्या मोदी जी मौन रहेंगे या शहीदों के परिवारों को इस मुद्दे पर जबाब देंगे।

गौरतलब है कि पुलवामा हमले के मामले में एनआईए की लापरवाही के कारण आतंकी हमले की साजिश के आरोपी को जमानत मिली है। इस मामले में विशेष अदालत ने एनआईए को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि तय समय मे जांच पूरी नहीं करने और आरोप पत्र दायर नहीं करने के कारण आरोपी को जमानत का हकदार बना। जांच एजेंसी को नियम के अनुसार 180 दिन में जांच पूरी कर आरोप पत्र दाखिल करना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ जिसके कारण आरोपी यूसुफ चोपान को 50 हजार के मुचलके पर जमानत मिली है।

एनआईए ने अपनी सफाई में कहा है कि युसूफ चोपान को पुलवामा आतंकवादी हमले मामले में कभी गिरफ्तार नहीं किया गया था। आरोपी चोपन को जैश-ए-मोहम्मद (जेएएम) के मामले में गिरफ्तार किया गया था, जो कि भारत के दिल्ली-एनसीआर सहित विभिन्न हिस्सों में आतंकी हमले करने के लिए जेएएम के वरिष्ठ कमांडरों की ओर से रची गई आपराधिक साजिश से जुड़ा हुआ था। चोपन के कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया था जो जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के खिलाफ उसी का इस्तेमाल करने के इरादे से खरीदा गया था।