मंदाकिनी नदी की नीति घाटी में बन रही बड़ी झील


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सैटेलाइट तस्वीरों से मालूम चला, आ सकती है तबाही

नैनीताल। उत्तराखंड के मंदाकिनी नदी की नीति घाटी के ऊपरी कैचमेंट क्षेत्र में एक बड़ी झील का निर्माण हो रहा है। यह झील उत्तराखंड में एक बार फिर से भारी तबाही ला सकती है। यह सैटेलाइट तस्वीरों से मालूम चला है। विशेषज्ञों की माने तो झील का आकार लगातार बढ़ता जा रहा है और अगर इस झील से पानी नहीं निकलेगा तो खतरा और भी बढ़ सकता है।

उत्तराखंड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (यूएसएसी) के डायरेक्टर डॉक्टर एमपीएस बिष्ट ने बताया, ‘धौली गंगा और मंदाकिनी नदी के ऊपरी कैटमेंट एरिया में पश्चिमी कॉमेट और रैकंडा ग्लेशियर के मिलन स्थान पर एक तरह की झील का निर्माण हो रहा है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डोभाल ने कहा, ‘हमने चौराबारी ग्लेशियर का उदाहरण देखा है जहां पर एक बड़े ग्लेशियर के गिरने की वजह से झील से काफी पानी एक साथ निकला जिससे 2013 में केदारनाथ घाटी में विनाश हुआ।

वास्तव में इसी साल शुरुआत में गौमुख के पास एक इसी तरह की झील का पता लगा था। बाद में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद विशेषज्ञों ने एक रिपोर्ट दाखिल की थी जिसमें कहा गया था कि इसकी वजह से तुरंत कोई खतरा नहीं है।’यूएसएसी ने अपनी रिपोर्ट सरकार के अधिकारियों को सौंप दी है ताकि इसके खतरे से सरकार को अवगत कराया जा सके। बिष्ट ने कहा कि हम लोग 2001 से इस पर नज़र रख रहे हैं हमने देखा कि इसका आकार बढ़ रहा है। यही बात हमें चिंता में डालती है। झील के आकार में 2001 से बिल्कुल भी कमी नहीं आई है।