साध्वी प्रज्ञा के बयान से बवाल


भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर अपने बयान पर घिर गई हैं।
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साध्वी प्रज्ञा ने शहीद आईपीएस का किया अपमान

हेमंत करकरे देशद्रोही था, मेरे श्राप से आतंकियों ने उसे मारा

भोपाल। भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर अपने बयान पर घिर गई हैं। प्रज्ञा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मुंबई हमले में शहीद हुए पूर्व एटीएस चीफ हेमंत के बारे में कहा- करकरे के कर्म ठीक नहीं थे, इसलिए उन्हें संन्यासियों का श्राप लगा था। मैंने (प्रज्ञा) कहा था कि तुम्हारा सर्वनाश होगा और जिस दिन मैं जेल गई थी उसके 45 दिन के अंदर ही आतंकियों ने उन्हें मार दिया था। साध्वी प्रज्ञा ने मीडिया से कहा- एटीएस मुझे 10 अक्टूबर 2008 को सूरत से मुंबई लेकर गई थी। वहां 13 दिन तक मुझे बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान एटीएस ने मुझे दिन रात टार्चर किया। ये सब उस वक्त के एटीएस चीफ हेमंत करकरे के इशारे पर होता था। इसलिए उन्हें संन्यासियों का श्राप लगा और मेरे जेल जाने के करीब 45 दिन बाद ही वह 26/11 के मुंबई आतंकी हमले का शिकार हो गए। हालांकि शाम तक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि साध्वी ने अपने बयान को वापस ले लिया है।

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने बयान पर जताया आक्रोश

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने साध्वी प्रज्ञा के बयान पर दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया हो उनपर कोई भी सवाल खड़े नहीं किये जा सकते। कमल नाथ ने ट्वीट किया- शहादत का अपमान करने का हक़ देश में किसी को भी नहीं। जिन लोगों ने आतंकवाद से लड़ते हुए अपने देश की रक्षा के लिये शहादत दी है , सीने पर गोलियां खायी है। उनकी शहादत का अपमान करने का हक़ देश में किसी को नहीं है। एक तरफ़ आतंकवाद व शहीदों के नाम का अपने राजनैतिक फ़ायदे के लिये उपयोग और दूसरी और ऐसे बयान ? यह दोहरा चरित्र नहीं चलेगा।

वहीं, कांग्रेस प्रदेश मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा कि यह बयान घोर आपत्तिजनक है। इससे भाजपा की आतंकवाद को लेकर व शहीदों को लेकर मानसिकता का पता चलता है। एक तरफ तो वह आतंकवाद का विरोध करती है ,शहीदों के नाम पर वोट मांगती है। वहीं दूसरी और उनकी पार्टी के नेता, प्रत्याशी शहीदों का इस तरह मजाक उड़ाते हैं ,उनकी शहादत का अपमान करते हैं। यह देश की उस खाकी वर्दी का भी अपमान है। जो अपनी जान की बाजी लगाकर देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए हर मोर्चे पर डटी रहती है। चुनाव आयोग को को भी साध्वी प्रज्ञा भारती के इस विवादास्पद बयान पर संज्ञान लेकर उन पर कड़ी कार्रवाई कार्रवाई करना चाहिए।

दिग्विजय बोले- सेना, शहीदों पर टिप्पणी नहीं

हेमंत करकरे जी लोगों की जान बचाने आतंकी हमले में शहादत दी

साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने कहा- चुनाव आयोग का स्पष्ट आदेश है, सेना और शहीदों पर कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। हेमंत करकरे जी ईमानदार और निष्ठावान ऑफिसर थे जिन्होंने मुंबई के लोगों की जान बचाने के लिए आतंकी हमले में शहादत दी थी।

साध्वी के बयान पर सिंधिया भड़के

धर्म नहीं, दो विचारधाराओं के बीच का चुनाव है

कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भोपाल में चुनाव धर्म युद्ध नहीं, बल्कि दो विचारधाराओं के बीच युद्ध है। उन्होंने कहा कि एक तरफ मुट्टी भर और सूट बूट वाले लोग है, तो दूसरी तरफ जनता की विचारधारा वाले लोग हैं, लेकिन जीत प्रजातंत्र की होगी। सिंधिया ने दावा करते हुए कहा भोपाल से दिग्विजय सिंह जीतेंगे।

भाजपा बोली- साध्वी का वह निजी बयान

करकरे बहादुरी से लड़ते हुए शहीद हुए

साध्वी के बयान पर बवाल मचने के बाद भाजपा सतर्क नजर आई। पार्टी ने राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी के हवाले से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लिखा गया कि, भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट मानना है कि स्वर्गीय हेमंत करकरे आतंकवादियों से बहादुरी से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। बीजेपी ने उन्हें हमेशा शहीद माना है। जहां तक साध्वी प्रज्ञा के इस संदर्भ में बयान का विषय है, वह उनका निजी बयान है जो वर्षों तक उन्हें हुई शारीरिक और मानसिक प्रताडऩा के कारण दिया गया होगा।

इधर, मंदिर-मस्जिद पर बयान वार

दिग्गी को चुनाव में ही याद आते हैं राम-हनुमान : शिवराज

भोपाल में कांग्रेस का सॉफ्ट हिन्दुत्व एजेंडा सुखिऱ्यों में है। हनुमान जयंती के अवसर पर दिग्विजय सिंह सहित कई नेता मंदिर पहुंचे। दिग्विजय सिंह के मंदिर जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसा है। दिग्विजय के खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे। जिस पर शिवराज ने कहा चुनाव पास है तो उन्हें राम और हनुमान याद आ रहे हैं।

आईपीएस एसोसिएशन ने की निंदा

मध्य प्रदेश आईपीएस एसोसिएशन ने ट्वीट किया, अशोक चक्र से सम्मानित दिवंगत आईपीएस हेमंत करकरे ने आतंकवादियों से लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। हम सभी ने एक उम्मीदवार द्वारा दिए गए अपमानजनक बयान की निंदा की है। ऐसा बयान शहीद हेमंत करकरे का अपमान है। हमनें मांग की कि सभी शहीदों के बलिदान का सम्मान किया जाए।

चुनाव आयोग में शिकायत

साध्वी प्रज्ञा के बयान को लेकर मध्य प्रदेश निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज की गई है। शिकायत में कहा गया है कि बयान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।

– ईएमएस