क्या भोजपुरिया बेल्ट पूर्वांचल में मनोज, रवि और निरहुआ की तिकड़ी करा पायेगी भाजपा की नैया पार!


भोजपुरिया बेल्ट खासकर पूर्वांचल में भाजपा इन तीनों सुपरस्टार्स के जरिए 2019 लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की आस में है।
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वाराणसी। चुनावों में फिल्मी सितारों का आकर्षण और उनके उपयोग का भारतीय राजनीति में एक अटूट रिश्ता है। अभी तक बॉलीवुड इसरे लिए मशहूर था लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने भोजपुरी फिल्मों की टिकड़ी मनोज तिवारी, रवि किशन और दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ पर दांव लगाया है। क्योंकि अब भोजपुरी इंडस्ट्री की यह तिकड़ी भाजपा में शामिल है। मनोज तिवारी और रवि किशन पहले ही पार्टी में शामिल थे और अब पिछले दिनों दिनेश लाल यादव भी लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने के बाद भाजपा में शामिल हो गए। ऐसे में भोजपुरिया बेल्ट खासकर पूर्वांचल में भाजपा इन तीनों सुपरस्टार्स के जरिए 2019 लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की आस में है। 2019 लोकसभा चुनाव में ग्लैमर का तड़का भी खूब लग रहा है। पर, यह पहली बार हुआ है कि भोजपुरी इंडस्ट्री के तीन दिग्गज इस बार एक साथ किसी पार्टी के लिए चुनावी मैदान में हैं। हालांकि अभी इनकी भूमिका तय नहीं हुई है लेकिन माना जा रहा है कि भाजपा जल्द ही चुनावों के लिए इनकी भूमिका भी तय कर देगी।

पिछले दिनों एक समाचार चैनल से बातचीत में निरहुआ ने कहा था, ‘मुझसे सीएम योगी आदित्यनाथ ने चुनाव लड़ने के बारे में पूछा था। मैं इसके लिए तैयार हूं।’ जब निरहुआ से यह पूछा गया कि क्या वह आजमगढ़ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने चुनावी मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं, उन्होंने कहा, ‘यह तो और अच्छा होगा। मेरा घर (गाजीपुर) भी पास में ही है।’ भोजपुरी इंडस्ट्री के सुपरस्टार रवि किशन भी इस बार भाजपा से टिकट लेकर लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करना चाहते हैं। 2014 में रवि किशन कांग्रेस की तरफ से जौनपुर सीट से चुनाव लड़े थे लेकिन हार गए थे। रवि किशन ने कहा, ‘मैं जौनपुर या गोरखपुर, जहां से पार्टी चाहेगी वहां से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। मैं पीएम नरेंद्र मोदी से काफी प्रभावित हूं और अब अपने लोगों के लिए कुछ करना चाहता हूं।’

भोजपुरी स्टार मनोज तिवारी की भी कहानी कुछ ऐसी ही है। 2009 में समाजवादी पार्टी से पहली बार मनोज ने गोरखपुर से चुनाव लड़ा था। अहम यह भी है कि आज सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ से ही मनोज तिवारी 2009 में गोरखपुर से हारे थे। अन्ना के अनशन के दौरान मनोज तिवारी काफी सक्रिय दिखे थे। बाद में 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें उत्तर पूर्वी दिल्ली से उम्मीदवार बनाया और मनोज ने यहां जीत दर्ज की। फिलहाल मनोज तिवारी भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हैं और पार्टी के स्टार प्रचारक भी।

जातिगत समीकरणों की बात करें तो जहां रवि किशन और मनोज तिवारी ब्राह्मण हैं, वहीं निरहुआ यादव हैं। तीनों पूर्वांचल से आते हैं। भाजपा को 2019 लोकसभा चुनाव में इस बेल्ट में इन तीनों सुपरस्टार्स से काफी हद तक मदद मिल सकती है। भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में इनके योगदान की बात करें तो मनोज तिवारी की फिल्म ससुरा बड़ा पइसावाला ने इस इंडस्ट्री को दोबारा पटरी पर लाने का काम किया। इसके बाद रवि किशन की फिल्म पंडितजी बताईं ना बियाह कब होई ने भोजपुरी सिनेमा के क्षेत्र में कमाल कर दिया। इस फिल्म ने कई सारे कीर्तिमान हासिल किए। इसी तरह निरहुआ रिक्शावाला और निरहुआ चलल ससुराल से दिनेश लाल रातोंरात भोजपुरी के सुपरस्टार बनकर उभरे।

– ईएमएस