काशी की पौराणिकता को बचाते हुए बदलाव का प्रयास : मोदी


Varanasi: Prime Minister Narendra Modi being welcomed by Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath at the foundation stone laying ceremony of various development projects, in Varanasi on Sept 18, 2018. (Photo: IANS/PIB)

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी से सांसद एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवर को बीएचयू के एम्फीथिएटर मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि काशी में बदलाव लाने के जो भी प्रयास हो रहे हैं, वो उसकी परंपराओं को संजोते हुए व पौराणिकता को बचाते हुए किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा,

अनंत काल से जो इस शहर की पहचान रही, उसे संरक्षित करते हुए, इस शहर में आधुनिक व्यवस्थाओं का समावेश किया जा रहा है।”

मोदी ने कहा कि बीएचयू वर्ल्ड नॉलेज सेंटर बनाया जाएगा। काशी की धरोहरों को संजोने का काम किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने बनारस की जनता को 557.40 करोड़ रुपये की सौगात दी।

मोदी ने कहा,”मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि देश के लिए समर्पित एक और वर्ष की शुरुआत मैं बाबा विश्वनाथ और मां गंगा के शुभ आशीष से कर रहा हूं। आप सभी का ये स्नेह, ये आशीर्वाद मुझे हर पल प्रेरित करता है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां 550 करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स का या तो लोकार्पण हुआ है या फिर शिलान्यास हुआ है। विकास के ये कार्य बनारस शहर ही नहीं बल्कि आसपास के गांवों से भी जुड़े हैं। काशी आज हेल्थ हब के रूप में उभरने लगा है। बीएचयू में आधुनिक ट्रॉमा सेंटर हजारों लोगों के जीवन को बचाने का काम कर रहा है।

उन्होंने कहा, “नए कैंसर और सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल लोगों को इलाज की आधुनिक सुविधाएं देंगे। बीएचयू ने एम्स के साथ एक विश्वस्तरीय हेल्थ इंस्टीट्यूट बनाने के लिए समझौता किया है।”

मोदी ने कहा कि चार वर्ष पहले जब काशीवासी, बदलाव के इस संकल्प को लेकर निकले थे, तब और आज में अंतर स्पष्ट दिखता है। वरना आप तो उस व्यवस्था के गवाह रहे हैं जब हमारी काशी को भोले के भरोसे, अपने हाल पर छोड़ दिया गया था।

प्रधानमंत्री ने कहा, “पहले भी जब मैं यहां आता था, तो शहर में बिजली के लटकते तारों को देखकर हमेशा सोचता था, कि आखिर कब बनारस को इससे मुक्ति मिलगी? आज शहर के एक बड़े हिस्से से लटकते हुए तार गायब हो गए हैं। बाकी जगहों पर भी इन तारों को जमीन के भीतर बिछाने का काम तेजी से जारी है।”

उन्होंने कहा कि वाराणसी शहर ही नहीं बल्कि आसपास के गांवों को भी सड़क, बिजली, पानी जैसी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। यहां एक तरफ  वैदिक विज्ञान केंद्र का शिलान्यास हुआ है तो दूसरी तरफ अटल इनक्यूबेशन सेंटर की भी शुरुआत हुई है। हम सभी को जितना अपनी पुरातन संस्कृति और सभ्यता पर गर्व है,उतना ही भविष्य की तकनीक के प्रति हमारा आकर्षण है।

इसके पहले बीएचयू पहुंचे प्रधानमंत्री ने पौधरोपण किया। मंच पर पहुंचकर महामना की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मोदी के साथ मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र नाथ पाण्डेय मौजूद हैं। महेंद्र नाथ पाण्डेय ने भोजपुरी भाषा में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया।

बीएचयू में प्रधानमंत्री मोदी की सभा में शामिल होने के लिए एम्फीथिएटर चौराहे के समीप दोनों तरफ  लंबी कतार लगी रही। कैंपस में पुलिस व पीएसी के जवानों के साथ सीआरपीएफ  मुस्तैद रही। कैंपस के प्रमुख चौराहों पर भी पुलिस फोर्स के साथ अर्धसैनिक बल तैनात कर दिए गए थे। विश्वविद्यालय के हेलीपैड से एम्फीथिएटर तक सड़क पर दोनों तरफ  बैरिकेडिंग की गई थी।

-आईएएनएस