असम : 2014 के जनसंहार मामले में 2 को मृत्युदंड, 2 को उम्रकैद


गुवाहाटी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने शनिवार को 2014 में उग्रवादी संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) द्वारा सामूहिक हत्या के मामले में दो को मृत्युदंड, दो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

एनआईए की ओर से जारी बयान के अनुसार, बिष्णु नारजेरी ऊर्फ एन बेरेमा और अजॉय बासुमतारी ऊर्फ बी बुहुंबुआ को मृत्युदंड और दो अन्य संजू बोरदोलोई ऊर्फ सिबिगिरी और नितुल दाइमेरी ऊर्फ डी नाइहैब को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

अदालत ने इस मामले में 29 अगस्त को ही चारों को दोषी करार दे दिया था, लेकिन सजा का एलान शनिवार को किया गया।

23 दिसंबर 2014 को, एनडीएफबी के उग्रवादियों ने असम के सोनीतपुर जिले के हातीजुली शांतिपुर गांव में अंधाधुंध गोलीबारी की थी, जिसमें छह लोग मारे गए थे और दो अन्य घायल हो गए थे।

असम सरकार ने इस मामले को एनआईए को सौंपा था, जिसने उसी वर्ष 30 दिसंबर को कई धाराओं और हथियार अधिनियम में मामला दर्ज किया था। 22 जुलाई 2015 को आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था।

-आईएएनएस