भारत ने बनाई ऐसी मिसाइल जो कर सकती है सैटलाइट को तबाह


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भारत ने आज अंतरिक्ष में बड़ी सफलता हासिल की है। भारत ने देश में विकसित ए-मिसाइल द्वारा एक सैटलाइट को ध्वस्त करके अपना नाम उन चार देशों में दर्ज कर लिया है जिन्होंने उपग्रह रोधी मिसाइलें विकसित की हैं। पहले यह तकनीक केवल अमेरिका, चीन और रूस के पास थी। भारत अब यह तकनीक धारण करने वाला चौथा देश बन गया है। प्रधान मंत्री मोदी ने यह महत्वपूर्ण घोषणा करके राष्ट्र को संबोधित किया।

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उपग्रह रोधी मिसाइल क्या है?

आमतौर पर एंटी-सैटेलाइट मिसाइलों का उपयोग दुश्मन के देश के उन सैटला‌इटों को तोड़ने के लिए किया जाता है जो देश को नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखते हैं। कुछ देश दूसरे देशों के संचालन की निगरानी के लिए ऐसे सैटलाइट भेजते हैं जिससे वे उस देश की जासूसी कर सकते हैं। इस एंटी-सैटेलाइट मिसाइल का इस्तेमाल स्पेस में बिना काम करने वाले सैटेलाइट को तोड़ने के लिए भी किया जाता है। भारत 300 किमी दूर से एक सैटलाइट को हटाने में सफल रहा। वह सैटलाइट भारत पर निगरानी कर रहा था। विडियो में देखें कैसे काम करता है यह मिसाइल

कैसे हुई उपग्रह रोधी मिसाइल की शुरुआत

1950 के दशक में दुनिया की पहली एंटी-सैटेलाइट मिसाइल अमेरिका द्वारा विकसित की गई थी। इसे WS-199A नाम दिया गया था। 26 मई 1958 से 13 अक्टूबर 1959 तक अमेरिकी अंतरिक्ष संस्थान USSR द्वारा 12 परीक्षण किए गए। इससे एंटी-सैटेलाइट मिसाइल का विकास करने वाला अमेरिका दुनिया की पहला अंतरिक्ष शक्ति बन गया।

अमेरिका द्वारा अंतरिक्ष में यह उपलब्धि हासिल करने के बाद, उसके दुश्मन देश सोवियत संघ (आज का रूस) ने भी 1956 में OKB-1 एंटी-सैटेलाइट मिसाइल विकसित की। जिसका परीक्षण 1959 में किया गया था। अमेरिका के बाद रूस अंतरिक्ष शक्ति बनने वाला दूसरा देश बन गया।

चीन ने 11 मई, 2007 को खुद को एक अंतरिक्ष शक्ति वाला देश घोषित किया, जब उसने अपने स्वयं के FY-1C नामक गैर-कार्यात्मक मौसम उपग्रह को तोड़ गिराया।