नया डेथ वारंट जारी के बाद बदलने लगा दोषियों का व्यवहार


नई दिल्ली (ईएमएस)। निर्भया के चारों दोषियों को जैसे ही यह पता चला कि पटियाला हाउस कोर्ट ने नया डेथ वारंट जारी कर दिया है, उनके पसीने छूटने शुरू हो गए। उनकी घबराहट को देखते हुए उनकी काउंसलिंग कराई गई। चिकित्सकों ने उनके स्वास्थ्य की जांच की। दोषी यह मानकर चल रहे थे कि अभी डेथ वारंट जारी होने में थोड़ा वक्त लगेगा।

कोर्ट ने जब दो मार्च को उनका डेथ वारंट टाल दिया था तो उन्हें लगा था कि अब कुछ दिनों की तो उन्हें मोहलत मिल ही गई है। लेकिन तिहाड़ प्रशासन ने नए डेथ वारंट के लिए कोर्ट का रुख किया तो उनकी धड़कनें तेज हो गई। उन्हें इस बात की उम्मीद नहीं थी कि जेल प्रशासन द्वारा कोर्ट का रुख करने के अगले ही दिन यानि बृहस्पतिवार को ही डेथ वारंट जारी हो जाएगा। हालांकि बुधवार रात भी उन्हें पूरी नींद नहीं आई, लेकिन बृहस्पतिवार दिन में जब उन्हें पता चला कि अब कोर्ट ने चौथी बार डेथ वारंट जारी कर दिया है तो वे घबरा गए। जानकारी के अनुसार, जेल प्रशासन ने चारों दोषियों की निगरानी बढ़ा दी है। जेल अधीक्षक दोषियों के सेल की पूरी फुटेज पर नजर बनाए रखते हैं। वे दिन में एक बार दोषियों के सेल का जरूर मुआयना करते हैं ताकि कहीं कोई दिक्कत न आए।

निर्भया के चारों दोषियों को फांसी देने का समय अब 20 मार्च की सुबह साढ़े पांच बजे मुकर्रर किया गया है। बृहस्पतिवार को पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेद्र राणा ने दिल्ली सरकार की अर्जी पर फैसला सुनाते हुए चौथा डेथ वारंट जारी किया। अदालत ने कहा कि दोषियों के पास अब कोई न्यायिक उपाय नहीं बचा है।

दोषी मुकेश के वकील ने भी सभी विकल्प इस्तेमाल करने की बात मानी है। इसलिए डेथ वारंट जारी किया जाता है। चूंकि फांसी सूर्योदय से पहले दी जाती है, इसलिए सुबह साढ़े पांच बजे का समय तय किया गया है। अदालत ने दो मार्च को दोषियों मुकेश, विनय, पवन और अक्षय के खिलाफ तीन मार्च के लिए डेथ वारंट जारी करने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी, क्योंकि पवन की दया याचिका विचाराधीन थी। बुधवार को दया याचिका खारिज होने के बाद दिल्ली सरकार ने अर्जी दायर कर नया डेथ वारंट जारी करने की मांग की थी।