मिग-21 ने एफ-16 को कैसे मार गिराया; सैन्य-दुनिया अभी भी अचंभित!


अभिनंदन के हवाई रणकौशल से अंचभित दुनिया, पहली बार मिग-21 ने एफ-16 को किया ध्वस्त

नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय वायुसेना के साहसी जॉबाज विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की के हवाई रणकौशल से पूरी दुनिया अचंभित है। वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि कहना है कि शायद इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी मिग-21 ने अत्याधुनिक और ताकतवर एफ-16 को ध्वस्त कर दिया।

मिग-21 को विंटेज विमानों की श्रेणी में रखा जाता है और उसे उड़ाते हुए आधुनिक तकनीक से लैस एफ-16 को मार गिराने के लिए साहस ही नहीं तकनीक की बेहतरीन समझ और परिस्थिति जन्य सूझबूझ की जरूरत है।

एक वरिष्ठ वायुसेना अधिकारी ने बताया, अभिनंदन उन 6 पायलट में से थे, जिन्हें श्रीनगर रवाना किया गया था। मिग-21 के साथ सुखोई-30एमकेआई, मिराज-2000 और मिग-29 जैसे विमानों को सीमावर्ती क्षेत्र में तैयारी के तौर पर भेजा गया था। हम सभी जानते थे कि पाकिस्तान की ओर से कोई न कोई ऐसी हरकत जरूर की जाएगी और इसलिए सेना पूरी तरह से मुस्तैद थी।

वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अभिनंदन के कौशल की तारीफ करते हुए कहा कि यह विमानों की वैश्विक दुनिया में चर्चा की बात है। उन्होंने कहा, शायद यह इतिहास में पहली बार हुआ हो जब रूस के मिग-21 विमान ने अमेरिका के आधुनिक तकनीक और मजबूती से लैस एफ-16 विमान को ध्वस्त कर दिया हो।

मालूम हो कि भारतीय वायुसेना की जांबाजी ने पाकिस्तान को भी सन्न कर दिया। पाकिस्तान ने सिरे से एफ-16 के नष्ट होने की बात ही खारिज की थी, लेकिन भारत ने नष्ट हुए एफ-16 के कलपुर्जे दिखा पाक के झूठ की पोल खोल दी।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने पाकिस्तान की नापाक योजना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एफ-16 के जरिए पाकिस्तान की कोशिश भारत के महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठानों पर बम गिराकर नुकसान पहुंचाने की थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, भारतीय वायुसेना के जवानों की तत्परता ने पाकिस्तान की खराब नीयत को कामयाब नहीं होने दिया। शक्तिशाली एफ-16 विमान के जरिए पाक की कोशिश लेजर गाइडेड बम सैन्य ठिकानों पर दागने की थी। हालांकि, वायुसेना ने बहादुरी से इसे असफल कर दिया और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।