3 लाख लोगों ने छोड़ा सब्सिडी वाला सिलेंडर


नईदिल्ली। एलपीजी साqब्सडी र्आिथक रूप से कमजोर वर्ग के लिए दी जाती है लेकिन इसका दुरूपयोग सम्पन्न वर्ग भी करते रहे हैं। पिछले महीने अंतरराष्ट्रीय एनर्जी समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साqब्सडी छोड़ो अभियान की शुरुआत की थी उसके बाद से कुछ लोगों ने स्वतः ही इसका दुरूपयोग छोड़ दिया। हालांकि यह संख्या अभी बहुत कम है। वेंâद्र सरकार ने लोगों को प्रेरित करने के लिए आईएन वेबसाइट (जीआईवीआईटीयूपी) के जरिए इस अभियान से लोगों को जोड़ना शुरू किया। इसकी शुरुआत के बाद से ९ अप्रैल २०१५ की दोपहर तक ३,२३,८२२ लोगों ने अपने एलपीजी गैस सििंलडर पर साqब्सडी नहीं लेने का पैâसला करते हुए आवेदन डाला है।
सबसे अधिक इंडेन ग्राहकों ने साqब्सडी आवेदन किया। ९ अप्रैल २०१५ को इनकी संख्या १,९३,११५ है। इसके बाद िंहदुस्तान पेट्रोलियम के ९०, २७५ और फिर भारत गैस के ४०,४३२ ग्राहक आते हैं। इस अभियान से कई कॉरपोरेट दिग्गज भी जुड़ चुके हैं। इनमें टाटा, वेदांता, रिलायंस, कोटक, बिरला, फ्यूचर के साथ कई अन्य शामिल हैं। कई कॉरपोरेट वंâपनियों ने अपने उन कर्मचारियों से इस अभियान से जुड़ने के अपील की है जो बिना साqब्सडी की एलपीजी गैस लेने में सक्षम हैं।