पुलवामा एनकाउंटर में मारे गए 12 नागरिक, 75 जख्मी, 3 आतंकी भी ढेर


घाटी में फौजी से कुख्यात आतंकी बना जहूर अहमद ठोकर शनिवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में अपने दो साथियों संग मारा गया।
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श्रीनगर । घाटी में फौजी से कुख्यात आतंकी बना जहूर अहमद ठोकर शनिवार को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में अपने दो साथियों संग मारा गया। आंतकियों के साथ हुई मुठभेड़ में एक सैन्यकर्मी शहीद व एक अन्य जख्मी हो गया। इस बीच, आतंकियों की मौत के बाद भड़की हिंसा में 12 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई जबकि 75 से अधिक जख्मी हो गए हैं। इस मामले में 15 लोग गंभीर है। अधिकारियों ने 9 नागरिकों की मौत की पुष्टि की है। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलवामा में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाने के साथ ही बनिहाल-श्रीनगर रेल सेवा को भी अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, खारपोरा सिरनू में हिज्ब के मोस्ट वांटेड आतंकियों में शुमार जहूर ठोकर व उसके साथियों के छिपे होने की सूचना मिलते ही शनिवार को तड़के सेना ,पुलिस और सीआरपीएफ के एक संयुक्त कार्यदल ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली। सुबह सुरक्षाबलों ने गांव में तलाशी शुरु की, एक पोल्ट्री फार्म के पास पहुंचे तो वहां छिपे आतंकियों ने उन पर फायरिंग शुरु कर दी। इसके बाद जवानों ने भी अपनी पोजीशन ली। इसके साथ ही उन्होंने आतंकियों को सरेंडर के लिए भी कहा।

बात दे कि आतंकी जहूर ठोकर पहले सेना में था और 2016 में आतंक की राह पर चल पड़ा था। शनिवार सुबह आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में सुरक्षाबलों ने हिज्बुल कमांडर जहूर सहित तीन आतंकियों को मार गिराया है। जहूर ठोकर 173 टेरीटोरियल आर्मी का सदस्य था वहां 2016 में सर्विस रायफल के साथ भागकर आतंकी बना था। शनिवार की सुबह हुई मुठभेंड मेंकरीब तीन घंटे तक दोनों तरफ से गोलियां चली। इस दौरान दो सैन्यकर्मी सिपाही किशन और तौसीफ जख्मी हो गए। दोनों को उपचार के लिए श्रीनगर स्थित सेना के92 बेस अस्पताल ले जाया गया,जहां किशन ने कुछ ही देर में दम तोड़ दिया। मुठभेड़स्थल से तीन आतंकियों के शव मिले। इनमें से एक जुलाई 2017 को गंठमुला बारामुला से सरकारी राइफल संग फरार हुए 163 टीए बटालियन के भगौड़े जहूर अहमद ठोकर के रुप में हुई है।

– ईएमएस