11 साल बाद मुंबई में खुल रहा डांस बार


– बेरोजगारी का दर्द झेल रही बार-गल्र्स के चेहरों पर खुशी की रौनक
मुंबई। डांस बार मालिकों द्वारा लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद आखिरकार ११ साल बाद मुंबई समेत समूचे महाराष्ट्र में डांस बार खुलने का रास्ता साफ हो गया है। इसी क्रम में मुंबई पुलिस ने डांस बार के लिए लाइसेंस देने का काम शुरू कर दिया है। इसका मतलब ये हुआ कि जल्द ही आप डांस बार का मजा मुंबई में ले सकेंगे। जी हां, मायानगरी मुंबई में डांस बार फिर से सजने लगे हैं और इसके साथ ही बेरोजगारी का दर्द झेल रही बार-गल्र्स के चेहरों पर खुशी की रौनक लौट आई है। मालूम हो कि बीते २ मार्च को हुई सुनवाई में महाराष्ट्र में डांस बार को लेकर बार मालिकों द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश जारी किया था। अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राज्य सरकार बार मालिकों को १५ मार्च तक लाइसेंस जारी करें। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुंबई पुलिस ने लाइसेंस जारी करना शुरू कर दिया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने डांस बार में सीसीटीवी कैमरे लगाने और पुलिस थानों में लाइव फीड देने पर भी रोक लगा दी थी। दरअसल महाराठ्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा था कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के लिए यह जरूरी है कि डांस बार में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। इन कैमरों को लगाने से डांस बार संचालकों के मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन नहीं होता है। अगर डांस बार में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं तो पुलिस किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत मौके पर पहुंच जाएगी और महिलाओं की सुरक्षा भी होगी। सीसीटीवी कैमरे की लाइव फीड से इस बात की भी निगरानी होगी कि डांस बार के नाम पर कहीं अश्लीलता तो नहीं हो रही है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने बार गल्र्स की संख्या को लेकर भी साफ निर्देश दिए थे। कोर्ट ने कहा था कि एक बार में स्टेज पर चार बार गल्र्स रहेंगी लेकिन, इसका मतलब ये नहीं कि बार के अंदर उनकी संख्या को पुलिस नियंत्रित करेगी। इसके साथ ही स्टेज के पास तीन फुट की अस्थायी बैरिकेटिंग का निर्देश दिया गया है। जबकि राज्य सरकार ने पक्की दीवार की मांग की थी। उल्लेखनीय है कि वर्ष २००५ में महाराठ्र सरकार ने डांस बारों में चल रही अश्लीलता की शिकायतों के बाद डांस बार पर पाबंदी लगा दी थी लेकिन कहीं चोरी छिपे तो कहीं खुलेआम आर्वेâस्ट्रा बार के नाम पर डांस बार गुलजार रहा। इस एवज में स्थानिय पुलिस को जमकर हफ्ते की रकम मिलने की बात चर्चाओं में रही।