10 घंटे पहले उड़ी फ्लाइट, देना होगा जुर्माना


० यात्री की शिकायत पर उपभोक्ता फोरम ने लगाया जुर्माना
नईदिल्ली । विमान वंâपनियों की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। यात्री की शिकायत के बाद अब इस वंâपनी को जुर्माना भरना पड़ेगा। यह मामला करीब तीन साल पहले का है। इसका निर्णय हाल ही में हुआ है। बताया जाता है कि छत्तीसगढ़ के एक डॉक्टर की परीक्षा इसलिए छूट गई क्योंकि उन्होंने जिस जेट एयरवेज की फ्लाइट में अपना टिकट बुक कराया था वो अपने निर्धारित समय से १० घंटे पहले ही चली गई। फ्लाइट के समय में परिवर्तन की सूचना ट्रेवल एजेंसी याहू और जेट ने यात्री को नहीं दी। सेवा में लापरवाही के कारण डॉक्टर परीक्षा नहीं दे सका। उपभोक्ता फोरम ने यात्री को फ्लाइट का समय बदलने की सूचना देने में लापरवाही के लिए ट्रेवल एजेंसी और जेट को दोषी माना है और उपभोक्ता को हुए मानसिक कष्ट के लिए एक लाख रुपये और विमान का किराया व अन्य खर्च ३८,४३२ रुपए ब्याज सहित देने का पैâसला सुनाया है। छत्तीसगढ़ के लाखेनगर निवासी डॉ.आकाश लालवानी ने कोलकाता जाने के लिए जेट की फ्लाइट में एक टिकट खरीदा था। उन्हें कोलकाता में १० जून को पोस्ट डिप्लोमा सेट्रंलाइज्ड एग्जाम २०१२ में शामिल होना था, इसलिए एक दिन पहले की तारीख में पगारिया कॉम्प्लेक्स ाqस्थत याहू टूर एंड ट्रैवल्स के माध्यम से टिकट बुक कराया और २९३२ रुपये का भुगतान किया। टिकट में फ्लाइट के उड़ान का समय शाम ९: २५ लिखा था। इसके मुताबिक वह ९ जून की शाम ७:२० बजे जब माना एयरपोर्ट पहुंचा तो पता चला कि फ्लाइट सुबह ही निकल चुकी है. दूसरे दिन सुबह ९ बजे कोलकाता में परीक्षा थी, लेकिन वहां पहुंचने के लिए कोई दूसरी फ्लाइट नहीं थी, इसलिए वह परीक्षा नहीं दे सका। डॉक्टर ने जेट से हर्जाना की मांग की, लेकिन एयरवेज ने देने से मना कर दिया। जिला उपभोक्ता फोरम ने इस प्रकरण में याहू ट्रैवल एजेंसी और जेट एयरवेज को दोषी मानते हुए मानसिक कष्ट के लिए ६ लाख और ५ लाख रुपये स्टाइपंâड देने का आदेश दिया है। साथ ही विमान किराया व टैक्सी खर्च ३८,४३२ रुपये देने का आदेश दिया गया है। फोरम के इस पैâसले से क्षुब्ध होकर जेट एयरवेज और याहू ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की। यहां भी आयोग के अध्यक्ष आरएस शर्मा ने पाया कि सूचना देने में ट्रैवल एजेंसी और जेट प्रबंधन ने लापरवाही की है। आयोग ने फोरम के पैâसले में संशोधन करते हुए मानसिक कष्ट के लिए एक लाख रुपये और विमान किराया व अन्य खर्च ३८,४३२ रुपये ब्याज सहित देने का आदेश दिया है। वहीं डॉक्टर को स्टाइपंâड के लिए पांच लाख रुपये देने के आदेश को खारिज किया है।