हाईकोर्ट से 20 ‘आप’ विधायकों को राहत नहीं


सुनवाई 22 को, चुनाव आयोग ने लाभ के पद मामले में किया अयोग्य

नई दिल्ली (ईएमएस)। चुनाव आयोग ने लाभ के पद के मामले में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया है जिसके बाद आम आदमी पार्टी ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। आम आदमी पार्टी ने अपने विधायकों की सदस्यता बचाने के लिए चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी को राहत देने से इनकार कर द‌िया। अब इस मामले की सुनवाई सोमवार को होगी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने व‌िधायकों को फटकार लगाते हुए पूछा क‌ि जब चुनाव आयोग ने आपको बुलाया था तो आप गए क्यों नहीं। आप अपनी मर्जी से तय करते हैं चुनाव आयोग जाना है या नहीं। हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस गीता मित्तल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के सामने आम आदमी पार्टी के 7 विधायकों ने याचिका दायर की जिस पर कोर्ट ने आज ही सुनवाई करने का फैसला किया। दरअसल आम आदमी पार्टी सरकार ने साल 2015 में अपने 21 विधायकों को विधायक रहते हुए संसदीय सचिव का कार्यभार भी दे रखा था। इसी के खिलाफ प्रशांत पटेल नाम के वकील ने राष्ट्रपति के पास शिकायत दी और मांग की कि इन 21 विधायकों की सदस्यता रद्द की जाए। इस मामले में लंबी कार्रवाई चली और आज चुनाव आयोग ने अपना फैसला ले लिया है और अंतिम कार्रवाई के लिए राष्ट्रपति को सिफारिश भेज दी है।

भाजपा और कांग्रेस ने केजरीवाल से मांगा इस्तीफा

कांग्रेस के अजय माकन ने चुनाव आयुक्त को दिया था ज्ञापन

नई दिल्ली (ईएमएस)।शुक्रवार को देश की राजधानी दिल्ली में सत्ता पर काबिज केजरीवाल सरकार को संकट पैदा हो गया। शुक्रवार को दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता जाना लगभग तय है। सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग ने इन 20 विधायकों को अयोग्य ठहराने की सिफारिश की है। चुनाव आयोग का ये फैसला राष्ट्रपति कार्यालय को भेजा जाएगा, वहीं से इस फैसले पर आखिरी मुहर लगाया जाएगा। सूत्रों की माने तो मामला अब राष्ट्रपित के पाले में है।

वहीं मौके की नजाकत को देखते हुए भाजपा ने केजरीवाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सीएम को अब नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए उन्हें इस पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। वहीं दिल्ली कांग्रेस ने भी चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत किया है। कांग्रेस नेता और पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी केजरीवाल से इस्तीफा देने की मांग की है। वहीं आप के बागी नेता कपिल मिश्रा ने केजरीवाल को घेरते हुए कहा कि वह पैसे के लालच में अंधे हो चुके है। सिर्फ एक आदमी के चक्कर में पूरी पार्टी की बदनाम हो रही है और आप विधायकों की सदस्यता पर खतरा मंडरा रहा है।

बता दें कि इस मामले में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन ने पिछले वीरवार को मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार जोति से मुलाकात की थी। इस दौरान माकन ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को कथित रूप से संसदीय सचिव के लाभ के पद पर काबिज रहने के कारण जल्द से जल्द अयोग्य ठहराने की मांग की थी। कांग्रेस ने इस मामले में देरी को लेकर सीईसी को अवगत कराया क्योंकि ये मामला मई 2015 से लंबित है। अजय माकन ने इस संबंध में सीईसी एके ज्योति को एक ज्ञापन भी दिया था।