हाईकोर्ट ने सरकार बनने के बाद सुनवाई करने पर जताई सहमति


नई दिल्ली। बिजली कंपनियों के खातों की जांच कैग से कराने के मामले में हाईकोर्ट ने इस बात पर सहमति जताई है कि ‘आप’ पार्टी की सरकार बनने के बाद वह इस मामले में सुनवाई करेगी। आम आदमी पार्टी (आप) की ४९ दिनों की सरकार द्वारा राजधानी की तीनों बिजली कंपनियों के खातों की जांच नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से कराने के मामले में हाईकोर्ट ने इस बात पर सहमति जताई है कि आप पार्टी की सरकार बनने के बाद वह इस मामले में सुनवाई करेगी। जानकारी हो कि इस मामले में बिजली कंपनियों (डिस्कॉम) की कैग से जांच कराने के फैसले पर हाईकोर्ट ने रोक लगाने से इनकार कर दिया था, लेकिन कैग को भी निर्देश दिए थे कि वह अगले आदेश तक जांच रिपोर्ट दाखिल न करे। चुनौती देने वाली कंपनियों में बीएसईएस राजधानी,बीएसईएस यमुना और एनडीपीएल ने गत वर्ष २२ जनवरी को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी की अगुआई वाली बेंच के समक्ष दिल्लीr सरकार की ओर से एडवोकेट जुबैदा बेगम ने कहा कि आप पार्टी की सरकार शपथ ग्रहण करेगी और इस मामले में कुछ सीनियर एडवोकेट जिरह करेंगे इसके मद्देनजर इस मामले को स्थगित कर दिया जाए। अदालत ने इस पर सुनवाई के लिए १९ फरवरी की तारीख तय की है। हालांकि डिस्कॉम कंपनी की ओर से इसका विरोध किया और कहा कि सभी पक्षकार अपनी दलील दे चुके हैं और अब उनको अपना पक्ष रखना था। बेंच से यह भी मांग की गई कि सीएजी के ऑडिट पर अंतरिम रोक लगा देनी चाहिए। इस पर बेंच ने कहा कि यदि अगली तारीख पर सरकार अपनी दलील नहीं रखती है तो उनकी अंतरिम स्थगन लगाने की अर्जी पर अदालत विचार करेगी। जानकारी हो कि डिस्कॉम ने सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ खंडपीठ में चुनौती देते हुए राहत देने की मांग की थी।