हर गरीब परिवार के पास होगा गैस चूल्हा


नई दिल्ली । आम बजट में सरकार ने गरीब परिवार के लोगों को एक ऐसी सुविधा प्रदान करने का पैâसला किया है जिससे ग्रामीण महिलाएं आसानी से घर में खाना बना सवेंâगी। अब हर ग्रामीण परिवार में गैस चूल्हा जलेगा। पहले तो महिलाएं खाना पकाने के लिए ईधन का इंतजाम करती थी, जंगल में लकड़ियां काटकर घर पर खाना पकाने के लिए र्इंधन एकत्रित करती थी, मगर अब हर गरीब परिवार में गैस चूल्हा जलेगा। इसके लिए सरकार ने आमबजट में घोषणा की है, कि गरीब परिवार को आसानी से गैस उपलब्ध हो सकेगी। इससे जिले के गरीब परिवार के लोगों को भी काफी राहत मिलेगी और ग्रामीण एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या भी तेजी के साथ बढ़ना तय है। फिलहाल, जिले में ग्रामीण एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या करीब ढाई लाख है। एलपीजी वंâपनियों की मानें तो, अभी इतने ही लोगों को कनेक्शन बांटने का काम किया जा सकता है। बजट २०१६ में ग्रामीण महिलाओं के नाम पर गैस कनेक्शन बांटे जाने की बात से कनेक्शन के बढ़ने की उम्मीद जगी है। एलपीजी वंâपनियां बीपीएल होल्डर्स से बिना सिक्योरिटी मनी लिए ही गैस कनेक्शन बांटने का काम कर रहा है। बीपीएल लोग मात्र १६०० रुपए गैस एजेंसी में जमा कर नया कनेक्शन प्राप्त कर सकते है। यह स्कीम अक्टूबर २०१६ तक की है। ऐसे में बजट में सरकार के नए पैâसले से कनेक्शन धारकों की संख्या और तेजी से बढ़ना तय है। बजट में गरीब परिवारों की महिला सदस्यों के नाम रसोई गैस कनेक्शन मुहैया कराने और इसमें दो साल के भीतर पांच करोड़ बीपीएल परिवारों को शामिल करने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई गयी हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा हमने गरीब परिवारों की महिला सदस्यों के नाम से एलपीजी कनेक्शन मुहैया कराने के मकसद से एक विशाल मिशन आरंभ करने का निर्णय किया है।
एलपीजी कनेक्शनों को मुहैया कराने की आरंभिक लागत पूरी करने के लिए इस वर्ष के बजट में दो हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। २०१६- १७ में लगभग डेढ़ करोड़ बीपीएल परिवारों को इस योजना का लाभ होगा। यह योजना कम से कम दो वषरें तक जारी रहेगी। ताकि कुल पांच करोड़ बीपीएल परिवारों को इसमें शामिल किया जा सके।