हत्यारे बलात्कारी को मिली फांसी की सजा


मुंबई। चार साल पूर्व मुंबई के साकीनाका इलाके में एक चार साल की मासूम बच्ची का अपहरण कर उसके साथ बलात्कार के बाद हत्या करने के मामले में दोषी नजीर खान को मुंबई की सेशन कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। जबकि इसी मामले में कोर्ट ने नजीर के मालिक विनोद मेहर को सबूत छुपाने के मामले में तीन साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उल्लेखनीय है कि अंधेरी के साकीनाका इलाके में रहने वाली चार साल की बच्ची १ जनवरी २०१२ को दोपहर साढ़े बारह बजे अपने घर के पास विनोद मेहर के गोडाउन के सामने खेल रही थी। वहीं से बच्ची गायब हो गई। काफी ढ़ं़ूढने के बावजूद जब बच्ची नहीं मिली तो उसके पिता ने साकीनाका पुलिस थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई। दूसरे दिन बच्ची के पिता को विलेपार्ले में एक बच्ची के लाश मिलने की सूचना मिली। वूâपर अस्पताल में जाकर पिता ने मृतक बच्ची को अपनी बेटी के रूप में पहचान की। ३ जनवरी को मृतक बच्ची के पिता को जानकारी मिली कि उनके घर के पास एडवरटाइजिंग बोर्ड बनाने वाले गोडाउन में एक बच्ची की लाश पड़ी हुई थी और वहां काम करने वाले नजीर खान ने लाश को ठिकाने लगा दिया। बच्ची के पिता ने इस बात की जानकारी साकीनाका पुलिस को दी। पुलिस ने नजीर खान को गिरफ्तार कर लिया मगर पुलिस द्वारा मामले की जांच में लापरवाही बरतते देख बच्ची के पिता ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस हरकत में आई और आखिरकार नजीर खान ने अपना अपराध कबूल कर लिया। वहीं नजीर खान के मालिक विनोद मेहर को सबूत छुपाने के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया। सेशन कोर्ट में चार साल से अधिक चले इस मामले की सुनवाई के पश्चात कोर्ट ने नजीर को फांसी की सजा तथा विनोद को तीन साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है।