स्वाइन फ्लू का आतंक पैâलाकर ड्रग माफिया ने बुना लूट का जाल


० अब निजी अस्पतालों को सरकार करेगी भुगतान
भोपाल। मध्यप्रदेश में स्वाइन फ्लू नामक बीमारी का भारी आतंक पैâलाकर ड्रग माफिया ने निजी अस्पतालों से मिलीभगत करके स्वाइन फ्लू की जांच एवं इलाज के नाम पर करोड़ों रुपये का भुगतान सरकार से लेने हेतु लूट का जाल बना लिया है।
मध्यप्रदेश में ड्रग माफिया के कॉकस ने पहले तो स्वाइन फ्लू नामक बीमारी का भारी आतंक पैâलाकर मप्र सरकार और स्वास्थ्य विभाग को दबाव में लिया। उसके बाद यह प्रचारित करवाया गया कि सरकारी अस्पतालों में इस बीमारी के समुचित इलाज की व्यवस्था नहीं है तथा रोगी प्रायवेट अस्पतालों में महंगा इलाज लेने को मजबूर हैं।
मप्र सरकार को अन्ततः घोषणा करना पड़ी कि सरकार कम आय वर्ग के लोगों द्वारा निजी अस्पतालों के इलाज में हुए व्यय का भुगतान सरकारी खजाने से करेगी। इस प्रकार के भुगतान हेतु मरीज के परिजनों को केवल लिखित देना है कि उसकी आय इतनी अधिक नहीं है कि वह स्वाइन फ्लू बीमारी का महंगा इलाज करा सके जबकि मध्यप्रदेश सरकार इस बीमारी से निपटने हेतु करोड़ों रुपये खर्च करके पूरी तरह सतर्वâ है।
० गुजरात हाईकोर्ट का आदेश
गुजरात सरकार में दायर एक याचिका पर गुरुवार को हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि स्वाइन फ्लू बीमारी का इलाज गुजरात के निजी अस्पताल मुफ्त में करें और ऐसा करने से मना करने पर निजी अस्पतालों को राज्य सरकार सील कर दे।
हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में दावा किया गया था कि निजी अस्पताल स्वाइन फ्लू के इलाज के नाम पर लूटते हैं जिससे मरीज केवल सरकारी अस्पतालों में जाते हैं, जहां सुविधाओं की कमी होती है। इसीलिए गुजरात में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़ रही है।
० देश में ७०० और गुजरात में १५५ लोग मरे
एक जानकारी के अनुसार स्वाइन फ्लू से बुधवार तक करीब सात सौ लोगों की मौत हो चुकी है जबकि अकेले गुजरात में १५५ लोगों की मौतें हुई हैं। मरने वालों की संख्या राजस्थान तथा गुजरात में अधिक है। महाराष्ट्र में भी बीमारी की चपेट में ९० लोग अपनी जान गंवा चुके थे। दिल्ली में भी स्वाइन फ्लू के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा मध्यप्रदेश सहित बीस राज्यों में स्वाइन फ्लू वायरस पैâल चुका है।
० प्रधानमंत्री चिंतित
देश के २० राज्यों में पैâले स्वाइन फ्लू से ११ हजार मरीजों का देश भर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वाइन फ्लू पर चिंता व्यक्त करते हुए इस बीमारी से पूरी शक्ति से निपटने हेतु निर्देश दिया है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्वाइन फ्लू बीमारी के इलाज में काम आने वाली दवाइयों की पूरी जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय से मांगी है। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि इसकी रोकथाम में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
मध्यप्रदेश में स्वाइन फ्लू नामक बीमारी का इंदौर के कॉलेजों और छात्रावासों में पहुंचने की अफवाह पर अधिकांश छात्रावास बंद हो गये हैं तथा कॉलेजों के छात्र पढ़ाई छोड़कर दूरदराज के क्षेत्रों में अपने रिश्तेदारों के यहां चले गये हैं।
इसलिए यह आवश्यक है कि हर जिले के कलेक्टरों और स्वास्थ्य विभाग को सरकार निर्देशित करे कि वे अफवाहों पर नियंत्रण रखने हेतु सतत मानीटरिंग तथा प्रेस ब्रीपिंâग करें।
मध्यप्रदेश में अब यह मांग हो रही है कि गुजरात हाईकोर्ट के स्वाइन फ्लू पर दिये गये पैâसले के परिप्रेक्ष्य में निजी अस्पतालों पर दबाव डाले कि वे इस बीमारी का प्रâी में इलाज करें। निजी अस्पताल जो अन्य बीमारियों के इलाज में भारी कमाई करते हैं उनसे भी प्रदेश की जनता अपेक्षा करती है कि इस आपदा में वे भी अपना नैतिक दायित्व पूरा करें।
जिससे ड्रग माफिया अपने मंसूबों में सफल न हो सके।