स्वराज अभियान को लीड करेंगे आनंद कुमार


नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी में विरोधी खेमे के नेताओं ने बुधवार को गांधी शांति प्रतिष्ठान में बैठक की और प्रफेसर आनंद कुमार को स्वराज अभियान की कमान सौंपने का फैस ला किया। प्रेस सम्मेलन में योगेंद्र यादव ने बताया कि स्वराज संवाद के दौरान बनाए गए ४९ लोगों के आमंत्रक समूह और अन्य आमंत्रित सदस्यों समेत करीब १०० लोगों की बैठक में एकमत से प्रो आनंद कुमार को इस अभियान का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया गया। एक स्टेयरिंग कमिटी भी बनाई जाएगी, जिसमें करीब १०० लोग होंगे। आमंत्रक समूह इस कमिटी के लिए लोगों को नॉमिनेट करेंगे। आगे की रणनीति बनने तक यह कमिटी एक कच्ची कमिटी के रूप में काम करती रहेगी। इस कमिटी के अंदर से ही १०-११ लोगों को सिलेक्ट कर एक वर्किंग ग्रुप बनाया जाएगा, जो अभियान से जुड़े जरूरी कामों को देखेगा। योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, प्रो आनंद कुमार, अजीत झा, प्रो राकेश सिन्हा, क्रिस्टीना सैमी, विशाल लाठे के साथ ही तिमारपुर से पार्टी के विधायक पंकज पुष्कर इस अभियान की आगे की दिशा तय करेंगे। मीटिंग में जो ७ बड़े फैसले किए गए, उनमें सबसे पहला फैसला देशभर में एक स्वराज यात्रा निकालने का रहा। योगेंद्र यादव ने बताया कि यह यात्रा देश के अधिकतर जिलों से होकर गुजरेगी। दो महीनों के दौरान सभी राज्यों में राज्य या जोन स्तर पर ३० से ३५ स्वराज संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उस राज्य के स्थानीय मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। यादव के मुताबिक स्वराज अभियान फेडरल ढांचे के हिसाब से काम करेगा और इसमें जुड़े राज्यों के प्रतिनिधि अपने हिसाब से फैसले ले सकेंगे। स्वराज अभियान कोई एनजीओ या पार्टी नहीं है, लेकिन इसे स्वराज की राह पर चलने वाला एक नया संगठन कहा जा सकता है। जिन सिद्धांतों के लिए हमने पार्टी के अंदर रहकर लड़ाई लड़ी है, उन सभी को इस संगठन में लागू किया जाएगा। यादव के मुताबिक स्वराज अभियान में आरटीआई को लागू किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति आरटीआई लगाकर इस अभियान के बारे में जानकारी ले सकता है। इस अभियान के दौरान इकट्ठा हुए डोनेशन और तमाम खर्चोें का हिसाब वेबसाइट और सोशल मीडिया के जरिये सार्वजनिक किया जाएगा। इस अभियान के लिए एक कोड ऑफ कंडक्ट बनाया जाएगा, जो सभी पर लागू होगा और उसका उल्लंघन करने पर एक्शन लेने के लिए एक आंतरिक प्रक्रिया बनाई जाएगी। यह संगठन व्यक्ति केंद्रित नहीं होगा। इसमें सभी सामूहिक नेतृत्व की भावना से काम करेंगे। इसमें किसी एक व्यक्ति के नाम, फोटो, चेहरे या उससे जुड़े नारे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। समाज के हर वर्ग और हर क्षेत्र के लोगों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। कार्यकर्ताओं की आवाज सुनने के लिए भी एक सिस्टम बनाया जाएगा। प्रो आनंद कुमार ने बताया कि मई से जुलाई के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में स्वराज संवाद के आयोजन के लिए अभी से ३० से ज्यादा निमंत्रण आ चुके हैं। इस अभियान से जुड़ने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर ७२१०२२२३३३ भी जारी किया जा रहा है।