स्वच्छ भारत : ज्यादातर शौचालय उपयोग विहीन


नई दिल्ली । मोदी सरकार द्वारा चलाया गया स्वच्छ भारत अभियान पिछले डेढ़ साल में सबसे र्चिचत रहा हैं। वेंâद्र के मंत्रियों से लेकर नौकरशाहों ने भी इस अभियान की सफलता के लिए मेहनत भी की लेकिन अब आखिरकार इस अभियान की सच्चाई सामने आ ही गई है। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संस्थान के त्वरित सर्वेक्षण से पता चला है कि अभियान की शुरुआत के बाद से बने शौचालयों में से आधे से अधिक का इस्तेमाल ही नहीं किया जा रहा है। सरकार ने इसे छिपाना चाहा लेकिन वह सफल नहीं हुई है। यह भी पता चला है कि कुछ लोग नए शौचालयों का उपयोग भंडार गृह के रूप में कर रहे हैं। अभियान वास्तव में तीन दशक पुराने प्रयासों का चौथा संस्करण है। इस बार २०१९ तक का समय निर्धारित किया गया है, लेकिन लगता नहीं है कि इसमें सफलता मिलेगी। आशंका यही है कि इसका हश्र भी पिछले अवसरों जैसा होगा। अभियान पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने भी कई सवाल खड़े किए हैं।