सॉफ्ट िंड्रक्स से हो रही कई मौतें


नई दिल्ली। सॉफ्ट िंड्रक्स से दुनिया भर में कई लोगों को जाने गंवानी पड़ रही हैं। यह कई गंभीर बिमारियों का कारण बन रहा है। एक शोध के मुताबिक कोल्ड िंड्रक या डिब्बाबंद जूस और हेल्थ िंड्रक पीने से न सिर्पâ ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है, बाqल्क इंसुलिन के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता भी विकसित होने लगती है। इससे व्यक्ति धीरे-धीरे मधुमेह और हृदयरोगों की चपेट में आने लगता है। अमेरिका की टफ्ट्स यूनिर्विसटी के हालिया अध्ययन की मानें तो सॉफ्ट िंड्रक की लत से होने वाले डायबिटीज से जहां हर साल १.३३ लाख जानें जाती हैं, वहीं हृदयरोग से लगभग ४५,००० और वैंâसर से ६,५०० लोग मौत का शिकार बनते हैं। यानी कुल १.८४ लाख मौतों के लिए सॉफ्ट िंड्रक जिम्मेदार हैं। इंडियन मेडिकल काउंसिल के अनुसार पिछले दो दशक में भारत में डायबिटीज (मधुमेह) पीड़ितों की संख्या तीन गुना बढ़ी है। साल १९९५ में जहां १.९४ करोड़ भारतीय टाइप-२ डायबिटीज के शिकार थे, वहीं २०१४ में इनकी संख्या बढ़कर ६.६८ करोड़ हो गई। लगभग ७.७ करोड़ भारतीय डायबिटीज का संभावित खतरा झेल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय डायबिटीज पेâडरेशन की मानें तो भारत में हर साल १० लाख लोगों की मौत डायबिटीज की वजह से होती है। ब्लड शुगर बढ़ने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का दौरा पड़ना या किडनी खराब होना मौत का कारण बनता है।
कोल्ड िंड्रक, डिब्बाबंद जूस और हेल्थ िंड्रक पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। जो महिलाएं दिन में दो बार अत्यधिक शक्कर से लैस इन पेय पदार्थो का सेवन करती हैं, उनमें टाइप-२ डायबिटीज और हृदयरोगों का खतरा ३५ फीसदी तक बढ़ जाता है। वहीं, पुरुषों में इन पेय पदार्थो की वजह से डायबिटीज और दिल की बीमारियों के डर में २० फीसदी का इजाफा होता है। डायबिटीज की रोकथाम की दिशा में काम करने वाली संस्था `डायबिटीज केयर’ ने तीन लाख से अधिक लोगों की सेहत पर कोल्ड िंड्रक, डिब्बाबंद जूस और हेल्थ िंड्रक का असर आंकने के बाद यह निष्कर्ष निकाला है।