सुभाष चंद्र बोस के साथी रामधन का निधन


कोलकाता।स्वतंत्रता सेनानी एवं आजाद हिन्द फौज में अंग्रेजों के विरूद्ध संघर्ष करने वाले सादुलपुर के नेशल बड़ी निवासी रामधन श्योराण का सोमवार को निधन हो गया। वे लगभग १०० वर्ष के थे। उनका पूरे राजकीय समान से अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस की ओर से हवा में दो राउण्ड फायर कर उनको अंतिम सलामी दी गई। वे १९३५ को भारतीय सेना में ग्रिनेडियर द्वितीय पद पर भर्ती हुए। बरेली में ट्रेिंनग करने के बाद तीन वर्ष मिरली व रावलिंपडी वर्तमान पाकिस्तान में रहे। इसके बाद १९३९ को तोप खाने में लांसनायक पद पर तैनात हो गए। उनको द्वितीय विश्व युद्ध लड़ने के लिए िंसगापुर भेज दिया गया। सन १९४३ को नेताजी सुभाषचन्द्र बोस के साथ सेना में शामिल हो गए। लड़ाई लड़ते हुए वे िंसगापुर से मलाया, रंगून, मांडले होते हुए अपने साथी जवानों के साथ आसाम पहुंचे। बाद में अंग्रेजों ने उन्हें पकड़कर मुल्तान जेल भेज दिया था।