सुधार की राह पर सेंसर


मुंबई। भारत का सेंसर बोर्ड अब सुधार की राह पर है. खबर है कि सरकार ने इसमें आमूल-चूल बदलाव की तैयारी कर ली है। इस सिलसिले में श्याम बेनेगल को कमान सौंपकर सरकार ने पहले ही बदलाव के संकेत दे दिए थे। सेंसर के अधिकार क्षेत्र में क्या-क्या आए, इसका प्रारूप वैâसा हो, इन बातों पर चर्चा और सुझाव देने के लिए १ जनवरी को गठित कमेटी ने जब मुंबई में सूचना प्रसारण मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की उस वक्त बेनेगल पूरी तैयारी से आये थे।
कमेटी के अध्यक्ष जाने माने फिल्मकार श्याम बेनेगल हैं। पहलाज निहलानी को कुर्सी पर बिठाने के बाद बोर्ड की कार्यशैली, सदस्यों के बीच विवाद ने खूब र्सुिखयां बटोरीं। महीनों बाद सूचना प्रसारण मंत्रालय को केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की फिक्र हुई, श्याम बेनेगल की अध्यक्षता में सेंसर को सुधारने के लिए कमेटी बनाई।
कमेटी की पहली बैठक में जुबानी तौर पर ऐलान किया, क्या दिखाना क्या नहीं दिखाना ये सरकार का काम नहीं। सूचना प्रसारण, राज्य मंत्री राजवर्धन िंसह राठौर ने कहा, ‘सरकार ये तय नहीं करना चाहती कि लोग क्या देखें, क्या ना देखें।
कमेटी के अध्यक्ष श्याम बेनेगल ने कहा, ‘सबसे ़जरूरी है कि वैंâची चलाने की कोशिश ना हो, भारत एक जटिल देश है इसलिए दिशानिर्देश बहुत सावधानी से बनाने होंगे ये देखते हुए कि आप अवरोधक ना बन जाएं।’ सुधर में जुटी इस कमेटी में ऐड गुरु पीयूष पांडे, फिल्मकार, राकेश मेहरा, और भावना सौमय्या शामिल हैं। कमेटी दो महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।