सीएम सिद्धारमैया के सामने वरिष्ठ लेखक को घसीट कर ले गई पुलिस!


बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की उपस्थिति में पुलिस ने वरिष्ठ कन्नड़ लेखक एम. चिदानंद र्मूित को बेंगलुरु पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया। सीएम के सामने ही पुलिस ने वरिष्ठ लेखक को न केवल गिरफ्तार करने के लिये उन्हें घसीटते हुए कार्यक्रम से ले गई। इस घटना की विपक्षी र्पािटयों ने िंनदा की।
वाकया जिस कार्यक्रम में हुआ, वहां सीएम मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। इसी कार्यक्रम में लेखक ने सवाल उठाया कि कवि जेठादेवरदासी मइया का योगदान देवरदासी से कहीं ज्यादा है, इसलिए उनकी जयंती मनाई जानी चाहिए। उनके विरोध के बाद वहां सिविल ड्रेस में मौजूद पुलिस उन्हें समारोह स्थल से घसीटते हुए बाहर ले गई और बाद में गिरफ्तार किया। चिदानंद को दक्षिणपंथी विचारधारा का माना जाता है। बीजेपी ने इस प्रकार से एक वरिष्ठ लेखक की गिरफ्तारी की िंनदा की है। भाजपा नेता जगदीश शेट्टार ने कहा कि र्मूित एक बड़े लेखक और बुद्धिजीवी हैं। इस प्रकार से उनकी गिरफ्तारी िंनदनीय है।
० वरिष्ठ लेखक रहे है एम चिदानंद
कर्नाटक के इस वरिष्ठ लेखक ने वर्ष २०१२ में एक साक्षात्कार में कहा था कि टीपू सुल्तान जिसने कई मंदिरों को तोड़ डाला था, उसके नाम पर किसी विश्वविद्यालय का नाम वैâसे रखा जा सकता है? टीपू सुल्तान को उन्होंने िंहदू विरोधी करार दिया था। इसके बाद टीपू सुल्तान यूनाइटेड प्रंâट के स्टेट प्रेसिडेंट सरदार अहमद कुरैशी ने र्मूित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया था। चिदानंद ने कहा था कि कई इतिहासकार कह चुके हैं कि टीपू सुल्तान का िंहदुओं के प्रति रवैया ठीक नहीं था, ऐसे में उनके नाम पर विश्वविद्यालय का नाम नहीं रखा जाना चाहिए।