सस्ती प्रौद्योगिकी के लिए व्यापार मॉडल जरूरी : माथुर


कोलकाता । भारत में सस्ती प्रौद्योगिकी के लिए व्यापार मॉडल जरूरी है। यह कहना है द इनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट के महानिदेशक अजय माथुर का। वे एक संगोष्टrी में विचार व्यक्त कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार उन्होंने कहा भारत को नई प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने और उसे सस्ती कीमत पर उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए, तभी जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय स्तर पर योगदान की प्रतिबद्धता पूरी की जा सकती है। द इनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीटयूट (टेरी) के माथुर ने बंगाल चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित ‘सीओपी २१ : भारत पर असर’ शीर्षक पर एक संगोष्ठी में कहा, हमें यह सुनिाqश्चत करना होगा कि नई प्रौद्योगिकियां सामने आती रहें और उनका इस्तेमाल व्यापक स्तर पर हो। इसमें सबसे बड़ी चुनौती लागत घटाने की होगी। माथुर संयुक्त राष्ट्र द्वारा जलवायु परिवर्तन पर पेरिस में संपन्न हुए ‘सीओपी २१’ सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रवक्ता थे। माथुर ने बिजली संतुलन के लिए बाजार सृजन पर जोर देते हुए कहा, जब हम बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा का प्रयोग करेंगे तो वितरण वंâपनियों को आश्चर्य होगा कि जब धूप नहीं हो या हवा नहीं चल रही हो तो वे किस प्रकार बिजली की आर्पूित करेंगी। इसलिए हमें उस चीज की जरूरत है, जिसे बैलेंिंसग पॉवर (बिजली संतुलन) कहा जाता है और वह भी कम लागत पर। उन्होंने कहा कि तीसरा पहलू यह है कि हमें सस्ती प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापार मॉडल बनाना होगा।