सरकार 504 औषधियां जनऔषधि नाम से बेचेगी


नई दिल्ली। इस बार १ जुलाई से आप किसी भी केमिस्ट के यहां जाकर जन औषधि ब्राण्ड दवा मांग सवेंâगे। कम कीमत में दवाएं बेचने के लिए सरकार अपना स्वयं का ब्राण्ड शुरू करने जा रही है। उल्लेखनीय है कि वेंâद्र सार्वजनिक एवं निजी औषधि उत्पादकों से थोक बंद दवाइयां खरीदेगा और उन्हें जन औषधि नाम से बाजार से उतारेगा। इन औषधियों को खुदरा बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक कीमतों पर बेचा जाएगा। सूत्रों के अनुसार इससे उपभोक्ता को सस्ती मगर गुणवत्ता वाली औषधियों की पहचान की है, जिनमें एंटी बायोटिक आदि के उपचार के काम आने वाली औषधियां शामिल हैं। इस प्रक्रिया से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि पहले चरण में सौ औषधियों की पहचान की जा चुकी है, जबकि दूसरे चरण में कुछ और औषधियांं तथा मेडीकल उपकरणों को शामिल किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार पहले चरण में इन औषधियों को आठ सौ चुनिंदा केमिस्टों को खासतौर पर दिल्ली में, उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार की योजना है कि साल के अंत तक अधिकांश मेट्रो में इन योजनाओं को विस्तारित कर दिया जाए। इस काम के लिए बनाई गई नोडल एजेंसी ब्यूरो आफ फार्मो पब्लिक सेक्टर अंडर टेविंâग आफ इंडिया (बीपीपीआई) ने योजना के तहत औषधियों की आपूर्ति करने वालों से निविदाएं आमंत्रित करना आरंभ भी कर किया है। भारत में औषधियों का खुदरा मार्वेâट ८७ हजार करोड़ टर्न ओवर वाला है और बाजार में उपलब्ध अधिकांश औषधियों ब्राण्डेड उत्पाद है जिन्हें निजी फर्मो द्वारा बेचा जा रहा है।