सजायाफ्ता आतंकी ने किया माँ को पहचानने से इंकार


-जैश-ए-मुहम्मद के आतंकी आबिद को उप्र निवासी ने बताया लापता पुत्र
लखनऊ। आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद के आतंकी को अपना खोया बेटा बताने वाले एक परिजन ने रविवार को जेल में उससे मुलाकात की। इनकार करने पर डीएनए परीक्षण की मांग की। जेल अधीक्षक शशिकांत मिश्र ने बताया कि वर्ष २००७ में कांग्रेस के एक बड़े नेता के अपहरण की साजिश के आरोप में गिरफ्तार किये गये जैश-ए-मुहम्मद के आतंकवादी आबिद को अपना बेटा प्रवीण बताने वाली मेरठ निवासी महिला महेश देवी और उसके पुत्र पवन ने जेल में उससे मुलाकात की। हालांकि मिश्र ने इस बातचीत के बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया। इस बीच, महेश देवी का कहना है कि आबिद ने खुद के प्रवीण होने से इनकार किया है लेकिन उसका हुलिया, बातचीत का तरीका और इस दौरान उसके चेहरे पर उभरे भाव देखकर उन्हें यकीन है कि आबिद कोई और नहीं बाqल्क मई २००६ में लापता हुआ उनका बेटा प्रवीण जाटव ही है। पवन का कहना है कि आबिद पर पुलिस, खुफिया एजेंसियों और एसटीएफ का दबाव है। उसने और उसकी मां ने आबिद का डीएनए परीक्षण कराने की मांग करते हुए कहा है कि इससे सच्चाई जाहिर हो जाएगी। महेश देवी का कहना है कि उनका बेटा प्रवीण संविदा पर काम करने वाला वाहन चालक था और वह वर्ष २००६ में अचानक लापता हो गया था। उसने उसकी तलाश के लिये राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से लेकर उच्च न्यायालय तक का दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। मालूम हो कि लखनऊ की एक विशेष अदालत ने गत ३० जून को जैश-ए-मुहम्मद के आतंकवादियों मुहम्मद आबिद उर्पâ फत्ते, मिर्जा राशिद बेग और सैपुâर्रहमान को आतंकी गतिविधियों और बेगुनाह लोगों की हत्या की साजिश रचने का दोषी करार देते हुए पिछले १४ जुलाई को उम्रवैâद की सजा सुनाई थी।