संविधान की प्रस्तावना से हटे सेकुलर शब्दः शिवसेना


नई दिल्ली। वेंâद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की अहम सहयोगी शिव सेना ने बुधवार को उस गलती को जारी रखने की मांग की है जिसमें संविधान के प्रस्तावना (प्रीएॅम्बल) से सेक्यूलर और सोशलिस्ट शब्द गायब थे। गणतंत्र दिवस के अवसर पर आए एक विज्ञापन का सरकार ने जहां मंगलवार को बचाव किया, वहीं शिव सेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा कि संविधान के पुराने प्रस्तावना को छापना गलती है तो इसे रोज छापना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सेक्यूलर देश नहीं, बाqल्क एक िंहदू राष्ट्र है।
शिव सेना के वरिष्ठ नेता राउत ने कहा कि ये दोनों शब्द प्रस्तावना में कभी नहीं थे। सरकार को इन दोनों शब्दों को प्रस्तावना से हटा देना चाहिए। वहीं विज्ञान के सामने आने के बाद विपक्ष के निशाने पर आई केद्र सरकार का बचाव करते हुए वेंâद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्घन राठौड़ ने कहा कि हमने प्रस्तावना का मौलिक रूप इस्तेमाल किया था। इसमें बाद में संशोधन हुआ था। यह विज्ञापन सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी किया गया था। गौरतलब है कि विज्ञापन में ४२वें संशोधन से पहले के प्रस्तावना का इस्तेमाल किया गया। ४२वें संशोधन से पहले प्रस्तावना में सेक्यूलर और सोशलिस्ट शब्द शामिल नहीं थे।